फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जाट नेता यशपाल मलिक का सरकार पर हमला

Sat, 11 Feb 2017 12:14 AM IST
ambala
विज्ञापन
पत्रकाराों से बात करते यशपाल - फोटो : bureau
विज्ञापन
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने आरोप लगाया कि सरकार के इशारे पर ही भाजपा कार्यकर्ताओं ने दंगों को अंजाम दिया था। अब आरक्षण के लिए आंदोलन किया जा रहा है, इसके लिए लंबी लड़ाई के लिए तैयार रहना होगा। वे शुक्रवार को नारायणगढ़ में धरना दे रहे जाटों को संबोधित कर रहे थे। मलिक ने कहा कि ये आंदोलन आरक्षण के लिए नहीं अपितु फरवरी 2016 के आंदोलन के दौरान जाट सहित अन्य समुदाय के शहीद हुए युवाओं के परिजनों को नौकरी व मुआवजा देने जेल में बंद युवाओं को रिहा करने जैसी सात मांगों को लेकर है। उन्होंने कहा कि इस समय 5 लाख लोग दलगत राजनीति से ऊपर उठ कर उनका समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन को इनेलो व कांग्रेस, बसपा का भी समर्थन हासिल है, ऐसे में धरनों पर उसी जोश से आओ जिस जोश से पार्टी की रैली में जाते हो। 
विज्ञापन

समिति की राष्ट्रीय प्रवक्ता व दिल्ली की प्रदेश महासचिव निशा चौधरी ने कहा कि भाजपा ने पहले देश में धर्म के नाम पर फूट डालो राज करो की नीति पर काम किया, अब हरियाणा का भाईचारा इनको हजम नहीं हुआ। जिला रोहतक प्रधान अशोक बल्हारा ने कहा कि धरने पर भीड़ बढ़ाओ। इस अवसर पर सुमेर सिंह गहलोत, जसवंत दहिया दिगी, अवतार सिंह मुलाना, इकबाल सिंह, आजाद सिंह पंचकूला, जिला प्रधान जसविंदर दनौरा, कर्म सिंह हुसैनी, इनेलो के पूर्व युवा जिला अध्यक्ष अमरीक सिंह रज्जूमाजरा, अधिवक्ता धर्मवीर ढींडसा, लाजपत भारापुर, हरबंस सिंह हुसैनी, लाभ सिंह भूखड़ी, जयपाल सिंह बरौली, हरिओम नगोली, जगीर सिंह नम्बरदार, रविंदर बरौली, गुरजंट सिंह, सतपाल बतौरा, श्यो राम, सुदेश राणा, बृजपाल राणा, कृष्ण पाल राणा,  हरविलास रज्जूमाजरा, कली राम, प्रीतम सिंह ढकोला, लहरी सिंह आदि मौजूद रहे। 
उधर, पत्रकारों से बातचीत में मलिक ने कहा कि भाजपा के हाथ समाज के युवाओं के खून से रंगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह व अमित शाह से मिलने वाले हरियाणा के जाट नेता नहीं अपितु भाजपा के उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले भाजपा नेता थे। उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से बातचीत का न्योता मिला है व शनिवार को पानीपत में बातचीत होगी। इसमें प्रत्येक धरने से 5 लोगों की कमेटी शिरकत करेगी। उन्होंने कहा कि जाटों में कोई गुटबाजी नहीं है। समाज के सभी लोग समर्थन कर रहे हैं। केवल चार लोग ऐसे हैं जो सरकारी हैं, हम उन्हें जाट ही नहीं मानते।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें