कुरुक्षेत्र। आयुष विवि के आयुर्वेदिक अस्पताल में मधुमेह दिवस पर स्वास्थ्य जांच शिविर में हिस्सा
कुरुक्षेत्र। मधुमेह एक साइलेंट किलर है, इसलिए इसकी समय-समय पर जांच कराना बेहद जरूरी है। आयुर्वेद के अनुसार मधुमेह नियंत्रण का मूल आधार संतुलित आहार-विहार और सही दिनचर्या है। यदि व्यक्ति जीवनशैली में छोटे-छोटे सुधार करें तो मधुमेह जैसे रोगों से काफी हद तक बचाव संभव है। यह कहना है श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. ब्रिजेंद्र सिंह तोमर का।
वे शुक्रवार को विश्व मधुमेह दिवस पर आयुर्वेदिक अस्पताल में आयोजित स्वास्थ्य जांच शिविर को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का शुभारंभ कुलसचिव प्रो. बीएस तोमर, आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान के प्राचार्य प्रो. आशीष मेहता, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. राजा सिंगला, काय चिकित्सा विभाग की चेयरपर्सन प्रो. नीलम रानी, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. नेहा लंबा और स्वस्थवृत्त विभाग की चेयरपर्सन प्रो. सीमा रानी ने किया।
शिविर में काय चिकित्सा विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. प्रीति गहलावत और पीजी स्कॉलर डॉ. दिव्या गोयल ने 150 से अधिक मरीजों के स्वास्थ्य की जांच की। इनमें से मधुमेह से पीड़ित 90 मरीजों की विशेष जांच की गई। साथ ही स्वस्थवृत्त विभाग की प्रो. सीमा रानी एवं पीजी स्कॉलर्स ने मरीजों को दिनचर्या, आहार-विहार और व्यायाम के महत्व के बारे में जागरूक किया।
कुरुक्षेत्र। आयुष विवि के आयुर्वेदिक अस्पताल में मधुमेह दिवस पर स्वास्थ्य जांच शिविर में हिस्सा