अंबाला सिटी। सिटी सेक्टर-9 में स्थित शिवधाम मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथा व्यास पंडित संजय शास्त्री ने कहा कि जीव को अपना जीवन परमात्मा की भक्ति कर समर्पित करना चाहिए। परमात्मा की भक्ति की लगन में लगने से दुर्गुण, दुराचार, दुर्विचार, कुसंग का त्याग करके सद्गुण, सदाचार कर अपना आने वाले कल सुधार सकते हैं।
वहीं किए गए भजन कीर्तन से आत्मा की शुद्धि होती है। मन में आने वाले दुषविचारों का भी खात्मा हो जाता है। परमात्मा की भक्ति में जो शक्ति है उसका अनुमान लगाना इतना आसान भी नहीं है। जो जीव भक्ति में विलीन हो जाए, उसका स्वयं परमात्मा संरक्षक बनकर उसके साथ हमेशा रहता है। इसलिए परमात्मा श्रवण करने के लिए श्रद्धा, विश्वास, अनुशासन, नियमित जीवन, संयम, सादगी को अपने जीवन में धारण जरूर करें।
उन्होंने कहा कि यही एक ऐसा मार्ग है, जो कि जीव को समाज में भी आदर सम्मान योग्य बनाता है। कथा व्यास संजय शास्त्री ने कहा कि आत्मा बहुत ही पवित्र है, लेकिन फिर भी हमें अपनी आत्मा का कल्याण करने के लिए परमात्मा से संबंध स्थापित करने चाहिए। परमात्मा की भक्ति करने से आत्मा का शुद्धिकरण निश्चित है और आत्मा की शुद्धि करके ही परमात्मा की प्राप्ति हो सकती है। इसी प्रसंग के साथ कथा को विराम दिया गया। तत्पश्चात मंदिर कमेटी सदस्यों की ओर से आरती करवाई गई। वहीं उपस्थित भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया।