नारायणगढ़ के दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान में प्रवचन करती साध्वी बहनें। प्रवक्ता
दिव्य ज्योति जागृति संस्थान हुसैनी रोड स्थित आश्रम में हुआ साप्ताहिक सत्संग
संवाद न्यूज एजेंसी
नारायणगढ़। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान हुसैनी रोड स्थित आश्रम में साप्ताहिक सत्संग का आयोजन किया गया। इसमें आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी रेनू भारती ने संगत को प्रवचनों से निहाल किया। उन्होंने बताया कि मानव जीवन श्रीकृष्ण और रुक्मिणी के मिलन का एक दुर्लभ अवसर है। श्रीकृष्ण भाव परमात्मा तथा रुक्मिणी अर्थात आत्मा है, मगर आज का मानव अपने इस वास्तविक लक्ष्य से दूर है, वह मननशील प्राणी होते हुए भी, उस तत्व पर विचार ही नहीं करता, जिस पर मनन करके उसे जीवन का लक्ष्य मिल सकता है।
रुक्मिणी भी प्रभु से जब तक दूर थीं, तब तक दुखी व अशांत थीं, मगर जैसे ही पंडित को भेज कर श्रीकृष्ण की प्रार्थना की, वह जाकर उन्हें स्वीकार करें तो कृष्ण को पर्याप्त कर जीवन आनंद से भर उठा। सत्य और संग दो शब्दों के जोड़ से मिलकर बना है। शब्द सत्संग यह हमें सत्य यानि परमात्मा और संग अर्थात मिलन की ओर इंगित करता है। परमात्मा को मिलने के लिए संत ही एक माध्यम है। इस से पूर्ण गुरु को प्राप्त किया जा सकता हैं। सत्संग के अंत में साध्वी बहनों ने मधुर भजनों का गायन करके समूह संगत को कृतार्थ किया और प्रसाद का वितरण भी किया गया।
नारायणगढ़ के दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान में प्रवचन करती साध्वी बहनें। प्रवक्ता