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Ambala News: सिंचाई विभाग के दावे फेल, टांगरी बांध किनारे बसी दर्जनों कॉलोनियां पर संकट

Mon, 07 Jul 2025 03:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
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अंबाला। टांगरी बांध से मिट्टी निकालकर अस्थाई तटबंध बनाने के सिंचाई विभाग के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। खानापूर्ति के नाम पर मात्र दो से तीन फुट मिट्टी निकालकर छोटी कॉलोनियों को बचाने की नाकाम कोशिश की गई है। जबकि प्रभु प्रेम क्षेत्र की तरफ छह से सात फुट तक मिट्टी निकालकर अस्थाई सुरक्षा प्रबंध किए हैं। ऐसे में अगर टांगरी नदी में बारिश और पहाड़ों से पानी आता है तो हालात फिर भयावह हो सकते हैं। टांगरी बांध के साथ बसीं कॉलोनी के लोगों को डरसता रहा है कि इस बार डूबे तो फिर उभर नहीं पाएंगे। यह हालात न्यू प्रीत नगर, टैगोर गार्डन, परशुराम कॉलोनी आदि में देखे जा सकते हैं।
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यह है सच्चाई
हरियाणा के कैबिनेट मंत्री ने सिंचाई विभाग को निर्देश दिए थे कि टांगरी की 10 से 12 फुट तक खुदाई की जाए ताकि नदी गहरी हो जाए और पानी आसानी से निकल जाए। उन्होंने टांगरी नदी से झाड़ियों आदि को भी साफ करने के निर्देश दिए थे। कैबिनेट मंत्री के निर्देशों की पालना के तहत सिंचाई विभाग ने मात्र खानापूर्ति की। कहीं छह से सात फुट तक खुदाई कर दी तो कहीं दो से तीन फुट तक। टांगरी नदी से निकाली मिट्टी को निकालकर एक तरफ कर दिया गया है ताकि पानी की मार कॉलोनियों न पड़े। लेकिन यह मिट्टी पानी के तेज बहाव में कहीं नजर नहीं आएगी।
बरसातों से पहले यह काम होने थे पूरे, अभी तक जारी
- रामपुर-सरसेहड़ी में टांगरी नदी के बांध को ऊंचा और पक्का करने का काम चल रहा है। जोकि धीमी गति से चल रहा है। जबकि 2.67 करोड़ रुपये की लागत से चल रहे इस काम को बरसातों से पहले पूरा किया जाना था। ऐसे में टांगरी नदी उफान पर आती है तो फिर आसपास की कॉलोनियों में नुकसान पहुंचा सकती है।
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- टांगरी नदी की गहराई के लिए माइनिंग का काम शुरू किया गया था। हालांकि नदी के एक हिस्से में काफी मिट्टी को निकालकर गहराई की गई थी लेकिन यह कार्य अभी भी चल रहा है। जबकि पहाड़ों में बरसात को लेकर रेड अलर्ट जारी कर रखा है। ऐसे में टांगरी उफान पर आती है तो स्थिति बिगड़ सकती है।

खानापूर्ति
यह बंधा जो बनाया है ये कभी भी टूट सकता है। बारिश सिर पर है और अब कोई काम नहीं हो सकता। अगर ये बंधा जनवरी-फरवरी में पड़ता तो अभी तक ये पक्का हो जाता। जब भी पानी आया तो ये अस्थाई बंधा बह जाएगा।
विजय कुमार।

सता रहा डर
यहां 30 साल से रह रहे हैं। दो बाढ़ का सामना कर चुके हैं। दो वर्ष पहले आई बाढ़ ने सब बर्बाद कर दिया था। अब यह मिट्टी के ढेर लगा दिए हैं जोकि पानी आते ही बह जाएंगे। दिन-रात डर के साए में जी रहे हैं। सरकार व प्रशासन को ठोस कदम उठाना चाहिए।
गुडिया।

मिट्टी बह गई
अस्थाई बांध के तहत मिट्टी के ढेर लगाए थे। कल कुछ पानी आया था जो मिट्टी को बहाकर ले गया है। अब थोड़ी ही मिट्टी रह गई है। अगर पीछे से टांगरी नदी में पानी आया तो घरों में पानी घुसना निश्चित है। इस समस्या का स्थाई प्रबंध होना चाहिए।
बबीता।

बढ़े ऊंचाई
प्रभु प्रेम क्षेत्र की तरफ जिस प्रकार ऊंचा बंधा बनाया गया है, वैसा ही टांगरी के दूसरी तरफ भी बनाना चाहिए। लेकिन यहां खानापूर्ति की गई है। जबकि कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने बार-बार सिंचाई विभाग को निर्देश दिए थे कि 10 से 12 फुट तक मिट्टी निकालें।
रघुबीर ठाकुर।

ऐसा नहीं है टांगरी नदी की खुदाई सही तरीके से करवाई गई है। पानी के बहाव में मिट्टी बह जाती है, लेकिन फिर भी खतरे की कोई बात नहीं है। अगर कहीं कोई समस्या है तो इसकी जांच करवा ली जाएगी और समाधान भी करवा दिया जाएगा।
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मनीष भारद्वाज, अधीक्षण अभियंता सिंचाई विभाग।
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