- विदेश से आने वाली धमकी, डिजिटल अरेस्ट और फर्जी निवेश पर लगेगी रोक
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। डिजिटल अरेस्ट, फर्जी निवेश और विदेश से आने वाली धमकी भरी कॉल पर लगाम लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत ने जिले में अभेद्य एप और डबल ओटीपी सिस्टम को लागू किया है। यह तकनीक विशेष रूप से बुजुर्गों और साइबर उत्पीड़न का शिकार होने वाले लोगों के लिए सुरक्षा कवच का काम करेगी।
एसपी अंबाला ने बताया कि अभेद्य देश का पहला मोबाइल आधारित सुरक्षा प्लेटफॉर्म है जो नागरिकों को संदिग्ध कॉल्स, धमकी भरे संदेशों, स्टॉकिंग और डिजिटल उत्पीड़न से बचाता है। यह पहल एचडीएफसी बैंक के सहयोग से शुरू की गई है। गुरुग्राम व पंचकूला में सफल रहने के बाद अब अंबाला में 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए लागू की जा रही है।
यह एप विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय, वर्चुअल और अनसेव नंबरों की निगरानी करता है। विदेश से आने वाली संदिग्ध धमकी भरी कॉल को यूजर तक पहुंचने से पहले ही स्वतः रिजेक्ट कर नंबर को ब्लॉक कर देता है। साथ ही संदिग्ध चैट, वॉयस मैसेज व नोटिफिकेशन को डिवाइस से हटा देता है जिससे नागरिक मानसिक दबाव व भय से सुरक्षित रह सकें। बताया कि इच्छुक व्यक्ति जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय अंबाला साइबर सेल से संपर्क कर अधिकृत एक्सेस प्राप्त कर सकते हैं। यह एप एंड्रॉयड एवं एप्पल दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं।
हेल्पलाइन की भी सुविधा
अभेद्य एप के माध्यम से नागरिकों को त्वरित सहायता प्रदान करने के लिए हेल्पलाइन सुविधा भी शुरू की गई है। किसी भी समस्या या जानकारी के लिए उपयोगकर्ता सीधे लैंडलाइन नंबर 01722-930112 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त अधिक सुविधाजनक और त्वरित संचार के लिए 24 घंटे व्हाट्सएप सपोर्ट व कालिंग भी उपलब्ध है, जिसका नंबर +91 9056555492 है। एसपी ने बताया कि वर्तमान में साइबर ठग पीड़ित को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर, फर्जी अधिकारी बनकर या मानसिक दबाव बनाकर स्वयं उससे ओटीपी साझा करवा लेते हैं। विशेषकर 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक इस जाल में फंस जाते हैं। इस डबल प्रणाली के तहत पहला ओटीपी वरिष्ठ नागरिक के मोबाइल पर आता है व दूसरा उनके द्वारा नामित विश्वसनीय परिजन व मित्र के पास जाता है। लेन-देन तभी पूरा होगा जब दोनों स्तर पर सत्यापन हो जाए।