संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। नकली पत्र के सहारे छावनी के उपमंडल कार्यालय में हुई रजिस्ट्री की जांच शुरु हो गई है। यह रजिस्ट्री छावनी के डिफेंस कॉलोनी की है। इस संबंध में अब नायब तहसीलदार ने दस्तावेजों को खंगालना शुरू कर दिया है ताकि सही तथ्यों के आधार पर आगामी कार्रवाई जा सके, वहीं दूसरी तरफ नगर परिषद ने भी सचिव से संबंधित जो नकली पत्र रजिस्ट्री के आवेदन के साथ संलग्न किया गया था, उसकी कॉपी भी तहसील से मांगी है, हालांकि अभी दोनों विभागों को उपमंडल अधिकारी के निर्देश का इंतजार है।
नहीं जारी किया पत्र
नगर परिषद के सचिव राजेश कुमार ने बताया कि रजिस्ट्री की प्रक्रिया ऑनलाइन आवेदन के तहत होती है जो भी दस्तावेज तैयार होते हैं, वो ऑनलाइन ही अपलोड किए जाते हैं जोकि तहसील के सर्वर से जुड़े हुए हैं। ऐसे में उनके द्वारा किसी भी प्रकार के पत्र को जारी करना अमान्य है, हालांकि उनके संज्ञान में भी नकली पत्र को लेकर जानकारी आई है जो उन्होंने कार्यकारी अधिकारी के संज्ञान में दी है ताकि इसकी सही तरीके से जांच-पड़ताल हो सके।
यह था मामला
अवैध कॉलोनी में वैध दिखाकर डिफेंस कॉलोनी के सेक्टर डी में एक प्लॉट की रजिस्ट्री करवा दी गई जोकि 650 वर्ग गज का है। यह जमीन कलरेहड़ी गांव का हिस्सा है। इस जमीन की विक्रेता महाराष्ट्र में रहने वाली महिला को दिखाया गया है और उन्होंने पंजाबी मोहल्ले के एक व्यक्ति को यह जमीन दी है। इस जमीन को देने से पहले हिमाचल के बद्दी से पावर ऑफ अटॉर्नी भी करवाई गई है। इस जमीन का सौदा 60 लाख रुपये में तय हुआ था और इसका भुगतान तीस-तीस लाख के दो चेकों के माध्यम से किया गया था। इस मामले में संबंधित प्लॉट की बाकायदा नगर परिषद से प्रॉपर्टी आईडी भी जारी की गई थी।
सदर क्षेत्र की रजिस्ट्री भी सुर्खियों में
सदर क्षेत्र की एक रजिस्ट्री भी सुर्खियों में है कि प्रतिबंधित क्षेत्र की रजिस्ट्री कैसे कर दी गई जबकि सदर क्षेत्र में नियमानुसार मलबे की रजिस्ट्री हो सकती है। इस संबंध में भी एक शिकायत मंडल आयुक्त को दी गई थी जोकि जांच-पड़ताल और शिकायकर्ता से बात किए ही बंद कर दी गई। ऐसे में एक बार फिर रजिस्ट्री में गोलमाल का मामला एक बड़े भ्रष्टाचार की तरफ इशारा कर रहा है जोकि जांच का विषय बन गया है।
तहसील में जो भी रजिस्ट्री की जाती है, वह ऑनलाइन दस्तावेजों के आधार पर ही की जाती है। इसमें गलती की कोई गुंजाइश नहीं है। प्रत्येक कर्मचारी को इस संबंध में हिदायत भी दी गई है। फिर भी अपने स्तर पर इसकी जांच करवा रहे हैं ताकि तथ्यों की जांच हो सके।
- सुनील कुमार, नायब तहसीलदार, अंबाला छावनी।
नगर परिषद के सचिव का नाम इस मामले में आ रहा है कि किसी फर्जी दस्तावेज के सहारे रजिस्ट्री को अंजाम दिया गया है। ऐसे में अब तहसील से संबंधित दस्तावेज की कॉपी मांगी गई है ताकि इसकी जांच हो सके कि यह नकली पत्र किसने और कैसे जारी किया है।
- देवेंद्र नरवाल, कार्यकारी अभियंता, नप सदर, अंबाला।