- अब मिट्टी के तेल से चलने वाली भटि्ठयों के इंतजाम में जुटे
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। एलपीजी की कमी ने व्यापारियों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है। शहर के प्रमुख बाजार, कैंट का सदर बाजार या सिटी का कपड़ा मार्केट और खान-पान से जुड़े व्यापारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट हो गया है। गैस न मिलने के कारण अब व्यापारी दशकों पुराने मिट्टी के तेल (केरोसिन) के युग में लौटने को मजबूर हैं। बाजार में इन दिनों गैस चूल्हों की जगह अब मिट्टी के तेल और डीजल से चलने वाली भटि्ठयों खरीदी जा रही हैं।
थोक विक्रेताओं के पास इन भटि्ठयों की मांग अचानक बढ़ गई है। जो भट्टी पहले चंद रुपयों में सुधर जाती थी, अब नई डीजल भट्टी की कीमत 10 हजार से 20 हजार रुपये तक वसूली जा रही है। केरोसिन वाली पुरानी भटि्ठयों को ठीक करने वाले कारीगर अब ढूंढे नहीं मिल रहे। हलवाई पुराने जानकारों से संपर्क साध रहे हैं ताकि काम बंद न हो।
इंडक्शन से आ रही दिक्कत
छोटे व्यापारियों ने अब इंडक्शन चूल्हे की तरफ रुख किया है लेकिन यह बिजली संचलित चूल्हा भी उनके काम के लिए खरा नहीं उतर रहा। चूल्हे पर मात्र पांच किलो वजन का ही कुक्कर, पतीला आदि रखा जा सकता है। ज्यादा भार वाला सामान रखने से इंडक्शन के खराब होने का डर है। ऐसे में व्यापारियों की दिक्कत कम होने का नाम नहीं ले रही। छावनी में कुछ एजेंसी संचालक उपभोक्ताओं की परेशानी को समझते हुए अपने स्तर पर इसका समाधान करवा रहे हैं। संचालक बाकायदा उपभोक्ताओं का मार्गदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें मोबाइल एप के जरिए सिलिंडर की बुकिंग के लिए प्रेरित किया जा रहा है ताकि अगर टोल फ्री व कंपनी का फोन न भी मिले तो उनकी गैस बुक हो जाए। लेकिन कुछ एजेंसी संचालक मनमर्जी करते हुए उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ा रहे हैं।
न सुबह बुकिंग हो रही न शाम को
ऐसी ही परेशानी से इंडेन कंपनी से जुड़े उपभोक्ता झेल रहे हैं। शनिवार को महेशनगर में टांगरी बांध के नजदीक केवल गैस एजेंसी पर ऐसे हालात देखने को मिले। जहां दयालबाग, बब्याल सहित अन्य आसपास के क्षेत्रों के उपभोक्ता परेशान नजर आए। मौके पर मौजूद हरजीत कौर, शुभम, गिरीश व मनोज ने बताया कि वो चार दिनों से फोन पर गैस बुक करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन गैस बुक नहीं हो रही। जब वो शिकायत लेकर एजेंसी पर आते हैं तो यहां भी उन्हें कोई मदद नहीं मिल रही। ऐसे में अब एजेंसी के बाहर धरना देने का ही विकल्प रह गया है।
ऑनलाइन कराएं पंजीकरण
जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक निशांत राठी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे सिलेंडर की बुकिंग केवल ऑनलाइन या मोबाइल से करें। उन्होंने बताया कि जिले में पर्याप्त स्टॉक है, अतः घबराकर भंडारण न करें। जमाखोरी रोकने के लिए अब 25 दिन बाद ही अगली बुकिंग होगी। उज्ज्वला लाभार्थी अनिवार्य रूप से केवाईसी करवा लें, अन्यथा बुकिंग नहीं हो सकेगी।