शहर के राजकीय बहुतकनीकी संस्थान में दाखिला लेते हुए अभ्यर्थी संवाद
अंबाला सिटी। राजकीय बहुतकनीकी संस्थान और कल्पना चावला राजकीय महिला बहुतकनीकी संस्थान में दो दिवसीय व्यक्तिगत काउंसलिंग के बाद भी सीट बच गई हैं। अब इन सीट को भरने के लिए 12 अगस्त दोपहर 1 बजे तक नए आवेदन लिए जाएंगे। वहीं, शुक्रवार को दोनों संस्थानों में दाखिले के लिए भीड़ जमा रही। सुबह से शाम तक दाखिला किया गया। राजकीय बहुतकनीकी संस्थान में 600 में से 545 सीट भर चुकी हैं। अब करीब 45 सीट खाली रह गई हैं। इसी तरह कल्पना चावला राजकीय महिला बहुतकनीकी संस्थान में कुल 390 में से 261 सीट भर चुकी हैं और 129 सीट अभी खाली हैं। वहीं, राजकीय बहुतकनीकी संस्थान प्राचार्य ने दाखिला कक्ष में जाकर बची सीट की जानकारी भी ली।
13 को संस्था स्तर पर होगी ओपन काउंसलिंग
राजकीय बहुतकनीकी संस्थान में दो दिवसीय संस्था स्तर की ओपन काउंसलिंग से रिक्त सीटों पर दाखिला किया गया। संस्था स्तर की ओपन काउंसलिंग के बाद प्लास्टिक इंजीनियरिंग की कुछ सीटों को छोड़कर लगभग सभी सीट भर गई है, लेकिन इस दो दिवसीय संस्था स्तर की काउंसलिंग में कुछ अभ्यर्थियों द्वारा एक सीट छोड़ कर दूसरी सीट पर दाखिला लेने व किसी अन्य संस्था में दाखिला लेने के कारण कुछ सीटें रिक्त भी हो गई है। अब राजकीय बहुतकनीकी संस्थान अंबाला इन रिक्त सीटों को भरने के लिए 13 अगस्त को संस्था स्तर की एक और ओपन काउंसलिंग करेगा।
12 को दोपहर 1 बजे तक संस्था में नए तौर पर आवेदन करना जरूरी
इस काउंसलिंग में भाग लेने के लिए अभ्यर्थी को 12 अगस्त दोपहर 1 बजे तक संस्था में नए तौर पर आवेदन करना जरूरी है। जिन अभ्यर्थियों ने पहले से ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन कर रखे है, वह सभी निरस्त कर दिए गए है। 13 अगस्त को होने वाली संस्था स्तर की ओपन काउंसलिंग के लिए मान्य नहीं होंगे। 13 अगस्त को होने वाली संस्था स्तर की ओपन काउंसलिंग में सीटों का आबंटन बिना किसी आरक्षण नीति का पालन किए सभी अभ्यर्थियों के लिए चाहे वह हरियाणा का हो या हरियाणा से बाहर का सभी के लिए खुली है। इस काउंसलिंग में सीटों को भरने के लिए हरियाणा राज्य व बाहरी राज्यों के अभ्यर्थियों की कॉमन मेरिट बनेगी और इसी कॉमन मेरिट के आधार पर रिक्त सीटों को भरा जाएगा।
संस्थान में बची सीट पर 12 अगस्त तक नए आवेदन लिए जाएंगे। 13 अगस्त को ओपन काउंसलिंग के तहत दोबारा दाखिले किए जाएंगे। संस्थान में कुछ ही सीट बची हैं।
- धर्मवीर सैनी, दाखिला नोडल अधिकारी, राजकीय बहुतकनीकी संस्थान।