अंबाला में चुनाव में किसी भी प्रत्याशी को हल्के में नहीं लिया जा सकता। राजनीतिक पार्टियों के प्रत्याशियों के साथ कई बार निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी अपने प्रतिद्वंदी को पटकनी दी है। ऐसे ही पिछले वर्षों में हुए चुनावों में देखने में आया है कि जब निर्दलीय प्रत्याशियों ने ही राजनीतिक पार्टियों के प्रत्याशियों की धड़कनें बढ़ा दीं। छावनी पर दो बार, नारायणगढ़ सीट पर दो और मुलाना सीट पर एक बार निर्दलीय प्रत्याशी जीत चुके है, जबकि अंबाला शहर सीट पर अभी तक कोई भी निर्दलीय प्रत्याशी नहीं जीता है।
विज दो, मुलाना एक बार निर्दलीय जीत चुके
- छावनी सीट पर 1996 में निर्दलीय प्रत्याशी अनिल विज को 22 हजार 735 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस की राजरानी को 16 हजार 645 वोट मिले थे। अनिल विज छह हजार 90 वोट से जीते थे। इसी तरह वर्ष 2000 में भी निर्दलीय प्रत्याशी अनिल विज ने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की थी। अनिल विज को 25 हजार 45 वोट मिले थे, जबकि भाजपा के कबीर देव को 15 हजार 988 वोट मिले थे। अनिल विज नौ हजार 57 वोट से जीते थे।
- मुलाना सीट पर 1982 में फूलचंद मुलाना निर्दलीय जीते थे। उनको 32 हजार 727 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस के शेर सिंह को 18 हजार 394 मिले थे। फूलचंद मुलाना 14 हजार 333 वोट से जीते थे।
- नारायणगढ़ सीट पर निर्दलीय लाल सिंह को 18 हजार 91 वोट मिले थे और कांग्रेस के जगजीत सिंह को 13 हजार 842 वोट मिले थे। लाल सिंह 4 हजार 249 वोट से जीते थे। 1987 में निर्दलीय जगपाल सिंह को 24 हजार 456 वोट मिले थे और एलकेडी के साधू राम को 12 हजार 363 वोट मिले थे। जगपाल सिंह 12 हजार 93 वोट से जीते थे।
अंबाला छावनी
वर्ष प्रत्याशी वोट मिले वोट फीसद
1996 अनिल विज 22 हजार 735 40.10
2000 अनिल विज 25 हजार 45 45.57
मुलाना सीट
वर्ष प्रत्याशी वोट मिले वोट फीसद
1982 फूलचंद मुलाना 32 हजार 727 58.50
नारायणगढ़ सीट
वर्ष प्रत्याशी वोट मिले वोट फीसद
1982 लाल सिंह 18 हजार 91 34.63
1987 जगपाल सिंह 24 हजार 456 38.04