नारायणगढ़। गन्ने की बकाया पेमेंट को लेकर किसानों ने लघुसचिवालय में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू करते हुए सरकार प्रशासन व मिल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरने पर बैठे किसानों के लिए क्षेत्र के एतिहासिक गुरूद्वारा श्री टोका साहिब से लंगर भेजा गया। स्थानीय शुगर मिल द्वारा गन्ना उत्पादक किसानों को गन्ने की पेमेंट समय पर व सुचारू रूप से न करने के रोष स्वरूप अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम अनुसार गन्ना उत्पादक किसानों ने 21 सदस्यीय कमेटी की अगुवाई में सोमवार से लघु सचिवालय के प्रांगण में अपना धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
आयोजकों के अनुसार धरना प्रदर्शन प्रतिदिन सुबह 10 बजे से बाद दोपहर 4 बजे तक तब तक चलेगा जब तक मिल से किसानों की पेमेंट सुचारू नही हो जाती या कोई ठोस आश्वासन शासन व प्रशासन द्वारा नहीं दे दिया जाता। पहले दिन कमेटी सदस्यों के इलावा आम किसानों ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया अब इसे विडंबना ही कहा जाएगा कि एक तरफ तो केंद्र सरकार 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने की बात कह रही है। वंही धरतीपुत्र को अपनी फसल के दामों के लिए भी जद्दोजहद करनी पड़ रही है।
गत 7 फरवरी को शुगर मिल बनोंदि के समक्ष पेमेंट को लेकर पंचायत हुई थी जिसमें शासन प्रशासन व मिल प्रबन्धन से पेमेंट को सुचारू करने की मांग रखी गई थी किसानों का कहना था कि मिल को चले हुए अढ़ाई माह से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन पेमेंट कुछ ही दिनों की हुई है मौके पर स्थानीय प्रशासन के अधिकारी पेमेंट की बाबत कोई आश्वासन नहीं दे सके तो किसानों की 21 सदस्यीय कमेटी ने एलान किया था कि यदि 13 फरवरी तक पेमेंट सुचारू नही हुई तो 14 फरवरी से लघु सचिवालय के समक्ष किसान धरने पर बैठ जाएंगे उसी घोषणा के अनुसार किसानों ने सोमवार से धरना शुरू कर दिया। धरने की खास बात यह रही कि इस धरने में नामी गिरामी किसान संगठनों व उनके नेताओं की अपेक्षा आम किसान व गन्ना उत्पादक किसानों की संख्या अच्छी थी।
इस अवसर पर शिंगारा सिंह, साहब सिंह, बजिन्दर सिंह, सतपाल, नकली राम, जागर सिंह, मेहर सिंह, हरनेक सिंह, बलराज सिंह, सलिंद्र कुमार, गुरमिंदर सिंह, गुरदेव सिंह धनराज सिंह, सन्दीप सिंह, रिंकू, माघी राम, रविंदर सिंह, जसबीर लक्की, परमेश्वर, राजन, यशपाल, सुखजीत, मनजिंदर, कुलबीर सिंह, पम्मा, संजीव कुमार, कुलविंदर, गुरविन्दर सिंह आदि मौजूद रहे।