अंबाला। बढ़ती ठंड को देखते हुए लोग गर्म कपड़ों के साथ-साथ रजाई की खरीदारी कर रहे हैं। इन दिनों गर्म कपड़े और रजाई, गद्दों का कारोबार बढ़ने लगा है। बाजार में अलग-अलग डिजाइन की रजाई और कंबल मिल रहे हैं। इसमें फाइबर वाली रुई से बनी रजाई को लोग अधिक पसंद कर रहे हैं। फाइबर रुई वाली रजाई, देसी रुई की रजाई से सस्ती हल्की और ज्यादा गर्म होने के कारण लोग इस रजाई की सबसे ज्यादा मांग कर रहे हैं। यह फाइबर रुई और कंबल, पानीपत, दिल्ली, जयपुर और गुजरात से आ रही है। फाइबर वाली रुई की रजाई सिंगल बेड रजाई वजन दो किलोग्राम से लेकर ढाई किलोग्राम तक होता है। यह रजाई हल्की के साथ-साथ जल्दी गर्म हो जाती है और इसकी लाइफ भी ज्यादा है, जबकि देसी रुई की सिंगल बेड की रजाई साढ़े तीन किलोग्राम से लेकर 4 किलोग्राम तक में बनती है इसी तरह से डबल बेड की रजाई साढ़े चार किलोग्राम से ज्यादा की बनती है।
रजाई के कारोबारी नीरज गोयल ने बताया कि इस बार जयपुरी रजाई की तुलना में फाइबर वाली रजाई की बिक्री काफी अधिक हो रही है। उन्होंने बताया कि रुई की कई किस्में बाजार में आई हैं जिनमें से फाइबर रुई का भाव 120 से 200 रुपये प्रति किलो जबकि देसी रुई का भाव 210 रुपये प्रति किलोग्राम है। वहीं फाइबर वाली एक रजाई सिंगल बेड की 600 से 800 रुपये और डबल बेड की रजाई 1000 से 1500 में एक रजाई की कीमत पड़ती है। इसी तरह से देसी रुई की सिंगल बेड की रजाई 900 से 1000 रुपये और डबल बेड की रजाई 1400 से 1800 रुपये की बीच है।
कारोबारी नितिन गुप्ता ने बताया कि अंबाला में उनकी रजाई की दुकान 60 साल पुरानी है। पहले उनकी पिता दुकान चलाते थे, अब वह दुकान चला रहे हैं। उन्होंने बताया कि डबल बेड की रजाई का फैंसी कवर 600 से 800 रुपये और सिंगल बेड की रजाई का कवर 400 से 500 रुपये के बीच में उपलब्ध है। एक जोड़ा गर्म गद्दा 2500 से लेकर 12 हजार रुपये में मिल रहे हैं।
नीरज गोयल, कारोबारी। संवाद
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