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Ambala News: सोनीपत में अवैध एरिया की वैध प्राॅपर्टी आईडी बना एनडीसी की जारी, एटीपी नवरत्न निलंबित

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सोनीपत में अवैध एरिया की वैध प्राॅपर्टी आईडी बना एनडीसी की जारी, एटीपी नवरत्न निलंबित
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- सोनीपत में जेई रहते जेडटीओ और एसडीओ की मदद से किया था प्रॉपर्टी आईडी में गड़बड़ी
- जांच में आरोप साबित होने पर तीन अफसर निलंबित, 10 कर्मचारी चार्जशीट

माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। सोनीपत नगर निगम के अवैध क्षेत्र की जमीन की वैध संपत्तिकर आईडी बना उनकी एनओसी जारी करने के आरोप में करनाल नगर निगम के एटीपी (एरिया टाउन प्लानर) नवरत्न को निलंबित कर दिया गया है। मामला उस समय का है जब नवरत्न सोनीपत नगर निगम में तैनात थे। उनके साथ तत्कालीन जोनल ट्रैक्सेशन ऑफिसर यानी क्षेत्रीय कराधान अधिकारी राजेंद्र चुघ और एसडीओ अभिषेक भी निलंबित हुए हैं। इनके अलावा 10 कर्मचारियों के खिलाफ चार्जशीट की गई है। जेडटीओ राजेंद्र के पास प्राॅपर्टी आईडी बनाने का काम था। जबकि नवरत्न और अभिषेक एनओसी जारी करते थे। अवैध संपत्तियों की वैध प्रापर्टी आईडी बनाने से लेकर एनओसी जारी करने के मामले में शहरी स्थानीय निकाय के अतिरिक्त मुख्य सचिव अरुण गुप्ता के निर्देश पर ये कार्रवाई की गई है।
वर्ष 2020 से लेकर 2025 तक नगर निगम के अधीन आने वाले एरिया में करीब 58 हजार नई संपत्तिकर आईडी बना दी गईं। इनमें हजारों आईडी निगम के आउटर एरिया की अवैध कॉलोनियों की बनाई गईं। वैध आईडी बनने के साथ लोगों ने निगम से इनकी एनओसी ली और तहसील में संपत्तियों की रजिस्टरी करवा ली। इस मामले की जांच दूसरे जिलों के अधिकारियों ने की। जिसमें नवरत्न दोषी मिले और उनको निलंबित कर दिया गया। एटीपी पर एक साल में दो बार निलंबन कर कार्रवाई हो चुकी है। हालांकि अब वे करनाल नगर निगम में बतौर एरिया टाउन प्लानर काम कर रहे थे। बताया जा रहा है कि शहरी स्थानीय निकाय की ओर से सोनीपत नगर निगम में 2020 से 2025 तक की संपत्तिकर आईडी की जांच की गई थी। चूंकि सोनीपत में 2020 में 1.40 लाख संपत्तियां निगम क्षेत्र में थी जो 2025 में बढ़कर अचानक 1.48 लाख हो गई। यानी महज पांच साल में करीब 58 हजार संपत्तियों में इजाफा हो गया। इसकी जांच के लिए निकाय की ओर से पानीपत, सोनीपत और फरीदाबाद के अधिकारियों को शामिल किया गया है। जांच अधिकारियों ने निगम अधिकारियों को रिकार्ड के साथ बुलाया और नई प्रापर्टी आईडी से संबंधित जानकारी जुटाई।
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जिस समय संपत्तियों की आईडी नई बनाई जा रही थी उस समय नवरत्न कई भूमिकाओं में सक्रिय रहे। उनके पास चेकर-मेकर का पद भी रहा। इसके अलावा एक आईडी बनाने से लेकर उसका अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी करने वाले सभी कर्मचारियों और अधिकारियों की पोर्टल आईडी और काम की जांच की गई। इसमें गंभीर अनियमितताएं मिलीं। जिसके चलते तीनों अधिकारियों को निलंबित किया गया और 10 कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई।
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एक साल में दूसरी बार निलंबित हुए नवरत्न
इससे पहले एटीपी नवरत्न जनवरी 2024 में भी निलंबित हो चुके हैं। ये उन पर एक साल में दूसरी निलंबन की कार्रवाई है। सोनीपत में पिछली बार निलंबित हुए नवरत्न पर एटलस फैक्ट्री की जमीन पर काॅलोनी काटने के लिए बिना सीएलयू के प्राॅपर्टी आईडी बनाने का आरोप लगा था। आरोप थे कि उन्होंने मिलीभगत कर उस जमीन पर 30 प्राॅपर्टी आईडी बनाकर एनओसी जारी कर दी। इस पर सोनीपत के डीसी ने निगमायुक्त से जवाब मांगा। पड़ताल में नवरत्न की भूमिका मिली। जिस पर उन्हें निलंबित किया गया था। बहाल होने के बाद अब वे इस मामले में निलंबित हो गए।
वर्जन:

सोनीपत प्रॉपर्टी आईडी के मामले में निकाय की ओर से एटीपी नवरत्न को निलंबित किया गया है। अब उनकी ड्यूटी मुख्यालय अटैच कर दी गई है।

- डॉ. वैशाली शर्मा, आयुक्त, नगर निगम करनाल
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