अंबाला। मोहड़ा में नाले को रसूखदारों ने बंद करा दिया। जिससे मोहड़ी की दलित बस्ती माजरी में लोगों के घरों में दो से तीन फुट तक पानी भर गया। लोगों ने जब नाले को खुलवाने के लिए जेसीबी बुलाई तो रसूखदारों ने जेसीबी के चालक से अभद्रता की। ये जानकारी ग्राम सचिव सुरेंद्र कुमार ने दी
उन्होंने बताया कि इस दौरान जेसीबी चालक से मारपीट की गई और उसके कपड़े भी फाड़ दिए गए। इसके बाद उसे भागकर जान बचानी पड़ी। इस पर माजरी गांव के लोग भड़क गए और ग्रामीणों ने शुक्रवार शाम सात बजे मोहड़ा से कोच कछवा सहित दुराना गांव जाने वाली मुख्य सड़क पर जाम लगा दिया। सड़क जाम की सूचना पर भारी मात्रा में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। इसके बाद ग्रामीणाें ने पुलिस अधिकारी को समस्या बताई। इसके बाद रात्रि साढ़े आठ बजे पुलिस ने जेसीबी बुलाकर नाले को खुलवाया। इसके बाद लोग शांत हुए। इस मामले को लेकर पड़ाव थाना प्रभारी धर्मवीर सिंह ने बताया कि सड़क जाम की सूचना मिली थी। यहां विवाद न बढ़े इसके लिए पुलिस तैनात की गई है। वहीं नाले को खुलवाया जा रहा है।
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दो दिन पहले प्रशासन की दी थी शिकायत
इस समस्या काे लेकर दो दिन पहले माजरी गांव के लोगों ने अंबाला के उपायुक्त और सरपंच जगजीत सिंह को जानकारी दी थी। इसके साथ ही समस्या के समधान की गुहार लगाई थी। दो दिन बीतने के बाद भी जब समस्या का समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीणों ने खुद ही नाला खुलवाने का प्रयास किया। इसके बाद विवाद बढ़ गया। गांव माजरी की रविदास बस्ती में हाल ही में गंदे पानी की सप्लाई से 300 से अधिक लोग डायरिया व पेट की बीमारियों से ग्रसित हो गए थे। इसके बाद यहां पाइप लाइन बदलवाई गई थी।
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100 घरों में घुस गया पानी
आक्रोशित लोगों ने बताया कि कुछ रसूखदार परिवारों की जमीन उनके गांव के पास लगती है। उनके खेतों में पानी न जाए इसके लिए उन्होंने मिट्टी डालकर नाला पूरी तरह से बंद करावा दिया। इस कारण से लगभग 100 घरों में पानी घुस गया। रविदास बस्ती की तरफ जाने वाली सड़क भी पूरी तरह से बंद हो गई। लोग घरों में कैद होकर रह गए हैं। इसके बाद परेशान लोगों ने प्रदर्शन किया।
जलभराव से घर में हुए कैद
गौरव, निखिल, सुजान व मलकियत ने बताया कि पहले तो बारिश के कारण सिर्फ गली में ही जलभराव होता था। लेकिन अब नाला बंद करने के कारण गंदा पानी हमारे घरों में भी घुस गया है। इसलिए वह न तो काम पर जा पा रहे हैं और न ही घरेलू काम कर पा रहे हैं। जब प्रशासन ने उनकी नहीं सुनी तो घरों में पानी का स्तर बढ़ने लगा तो उन्होंने मजबूरन जाम लगाना ही उचित समझा।
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