अंबाला। कैंट के नागरिक अस्पताल में एक्स-रे की 500 एमए की मशीन अनदेखी का शिकार हो रही है। मशीन का एक्सपोजर ही करीब एक सप्ताह से खराब पड़ा है। ऐसे में छाती के एक्स-रे नहीं हो पा रहे हैं और जो हाथ-पैर के एक्स-रे होते भी है तो उनकी भी गुणवत्ता ठीक नहीं है। इसलिए रेडियोग्राफरों को दो 100-100 एमए (मिलीएम्पीयर) की पोर्टेबल मशीनों का ही सहारा है। कई बार पत्राचार के बाद भी अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। ऐसे में रोजाना होने वाले एक्स-रे की संख्या में कटौती हो गई है।
मरीजों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। हर बार अस्पताल प्रबंधन की तरफ से संबंधित इंजीनियर के आने की बात बोलकर पल्लाझाड़ लिया जाता है। वीरवार को ऊर्जा मंत्री अनिल विज के निरीक्षण में भी यह खामियां उजागर हुई थी। कैंट के नागरिक अस्पताल में छह एक्स-रे मशीनों में से 100 एमए व 300 एमए की दो पोर्टेब्ल मशीनें कंडम पड़ी है। तीन पोर्टेब्ल मशीन में से दो एक्स-रे रूम में है तो एक एसएनसीयू यूनिट में है। जबकि 500 एमए की मशीन खराब है। अस्पताल के एक्स-रे में जो 12 कैसेट है वो अपनी निर्धारित अवधि से कई हजार चल चुकी है। यहीं कारण है कि इसका असर एक्स-रे की निकलने वाली रिपोर्ट पर पड़ रहा है। जो पूरी तरह से स्पष्ट नहीं आती है। कई बार आर्ट इफेक्स भी देखने को मिलता है। लंबे समय से की गई मांग के बाद अस्पताल प्रबंधन ने इन कैसेट की जगह नई कैसेट नहीं खरीदी। बल्कि काम चलाने के लिए पाॅलीक्लीनिक से चार कैसेट लाकर दे दी है।
मैमोग्राफी मशीन की नहीं आ रही फिल्में, मोबाइल पर ही जा रही रिपोर्ट
महिलाओं के स्तन कैंसर का पता लगाने के लिए अस्पताल के लाखों रुपये की लागत से मैमोग्राफी की मशीन खरीदी गई है। हैरानी की बात यह है कि करीब छह माह से इस मशीन की रिपोर्ट निकलने के लिए विभाग के पास फिल्में तक ही नहीं है। मजबूरन मरीजों को मोबाइल फोन पर क्लिक कर रिपोर्ट की फोटो दी जाती है। या फिर पोर्टल पर रिपोर्ट को अपलोड किया जा रहा है। हर बार वेयरहाउस में फिल्में न आने की बात बोलकर पल्लाझाड़ लिया जाता है। हर कोई अपनी जिम्मेदारी से बचता हुआ दिखाई देता है।
सेंट्रल एसी प्लांट की लाखों की पेमेंट अटकी, कट लग-लग कर चलता है एसी
अंबाला कैंट का नागरिक अस्पताल सेंट्रल एसी है। संबंधित कंपनी के ठेकेदार की पेमेंट करीब एक साल से लटकी पड़ी है। इस कारण प्लांट चलाने वाले कर्मचारियों के वेतन पर संकट गहराया रहता है। तीन-तीन माह तक उन्हें वेतन नहीं मिलता है। जबकि सेंट्रल एसी को भी कट-कट में चलाया जा रहा है। कभी भी ठेकेदार के कर्मचारी यह प्लांट बंद कर देते हैं। अधिकारियों के संज्ञान में मामला डालने के बाद यह चलता है।
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एक्स-रे की 500 एमए की मशीन को जल्द ही दुरुस्त कर दिया जाएगा। साथ ही एक्स-रे की नई कैसेट जल्द मंगवाई जाएगी। मैमोग्राफी मशीन की फिल्मों के लिए डिमांड मांग ली गई है। जल्द ही उनकी भी खरीद की जाएगी। सेंट्रल एसी प्लांट के ठेकेदार की पेमेंट बकाया है तो जल्द ही वो भी जारी की जाएगी।
डॉ. जतिंद्र, आरएमओ, अंबाला कैंट नागरिक अस्पताल
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