अंबाला सिटी। अंबाला शहर में आईएमटी के लिए अब तक नग्गल, खैरा और नड़ियाली गांव की 858 एकड़ भूमि के अधिग्रहण की जानकारी सामने आई है। मगर आईएमटी के लिए प्रशासन को कम से कम 1500 एकड़ जमीन का अधिग्रहण करना होगा तभी इस परियोजना को आईएमटी का दर्जा मिल सकेगा। 858 एकड़ भूमि के साथ तो यह परियोजना इंडस्ट्रियल एस्टेट ही कहलाएगी।
हालांकि अब प्रशासन की तरफ से चयनित भूमि को प्रथम चरण बताया गया है। आगे इस पर स्पष्टता आनी बाकी है। इसका प्रमुख कारण यह है कि इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) बनाने और वहां प्लॉट आवंटन से जुड़े नियम हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं बुनियादी ढांचा विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) द्वारा निर्धारित किए जाते हैं। इन नियमों के अनुसार आईएमटी का दर्जा पाने के लिए 1500 एकड़ भूमि होना अनिवार्य है।
आईएमटी बनाने का नियम-
आईएमटी में भूमि अधिग्रहण के नियम कहते हैं कि आईएमटी के लिए आमतौर पर कम से कम 1500 एकड़ भूमि की आवश्यकता होती है। छोटे औद्योगिक क्षेत्रों को इंडस्ट्रियल एस्टेट कहा जाता है। इसी प्रकार इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण करना हो तो सरकार जबरन अधिग्रहण के बजाय ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से किसानों की सहमति से पारदर्शी तरीके से जमीन खरीद सकती है। किसानों को दोगुना मुआवजा और प्रभावित किसानों को उस आईएमटी में विकसित औद्योगिक प्लॉटों में भी कुछ हिस्सा या आरक्षण दिया जाता है। इसके साथ ही फोर-लेन कनेक्टिविटी या एक्सप्रेसवे के पास स्थान आईएमटी के लिए चयनित किया जाना चाहिए। बिजली आपूर्ति (सब-स्टेशन), सीवरेज, जल निकासी और जल शोधन संयंत्र की स्थापना करनी होगी। कॉमन सर्विस सेंटर, लॉजिस्टिक हब और श्रमिकों के रहने के लिए भी प्रबंध करना होगा।
इन्हें देनी होगी वरीयता
इसके साथ ही प्लॉट आवंटन में भी आरक्षण रहेगा। जिसमें एनआरआई के लिए 10 प्रतिशत प्लॉट आरक्षित होंगे, 10 प्रतिशत निर्यात इकाइयों के लिए, आईटी स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों के उद्यमों को वरीयता दी जाएगी। इसके साथ ही प्लॉट पर कब्जा मिलने के 3 साल के भीतर औद्योगिक उत्पादन शुरू करना अनिवार्य होता है। निर्माण कार्य कब्जा मिलने के 1 साल के भीतर शुरू कर देना चाहिए