अंबाला सिटी। आईएमए की ओर से आयुष्मान योजना के तहत मिलने वाले उपचार के लंबित भुगतान पर तीन को होने वाली हड़ताल स्थगित कर दी है।
आईएमए के अधिकारियों ने रविवार को शाम चार बजे अपनी एसोसिएशन के पदाधिकारियों की बैठक की थी। इसमें निर्णय लिया गया है कि वह हड़ताल पर न जाकर सोमवार को मुख्य सचिव से बैठक करेंगे। इसमें आईएम के राज्य स्तरीय अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में अगर भुगतान की मांगे मानी गई तो ही हड़ताल से पीछे हटेंगे। अगर उनकी मांगे नहीं मानी गई तो वह चार फरवरी से हड़ताल करेंगे।
गौरतलब है कि अंबाला में पांच लाख से अधिक आयुष्मान लाभार्थी हैं। इन्हें आयुष्मान योजना के तहत उपचार की सुविधा मिलती है। अगर हड़ताल हुई तो हजारों मरीजों पर संकट खड़ा हो जाएगा।
देरी से बिलों में हो रही कटौती
अंबाला सिटी के आईएमए पूर्व प्रधान डॉ. अशोक सारवाल ने बताया कि फिलहाल हमने हड़ताल को तीन फरवरी तक स्थगित कर दिया है। बैठक के बाद ही आगे का फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार पहले तो देरी से बिल पास करती है। इसके बाद जब बिल का पैसा आता है तो उसमें कटौती होती है। जैसे आंखों के लैंस, दिल से जुड़ी बीमारियों के उपचार में विशेषकर कटौती होती है। ऐसे में अस्पताल को हजारों रुपए का नुकसान होता है। सभी अस्पतालों को जोड़े तो नुकसान लाखों रुपए हो जाता है।
जिले के 46 अस्पतालों पर लाखों बकाया
छावनी आईएमए के प्रधान डॉ. विवेक मल्होत्रा ने बताया कि जिले के 46 अस्पतालों में लाखों रुपये बकाया है। पिछली बार भी सरकार ने 30 प्रतिशत भुगतान करने का वायदा किया था, लेकिन चिकित्सक भेजने के बाद भी सिर्फ 25 प्रतिशत ही भुगतान हुआ है। अब अगली बैठक के बाद ही निर्णय लिया जाएगा।
वर्जन
निदेशालय स्तर पर ही आईएमए के साथ बैठक होगी। जैसे निर्देश मिलेंगे उसी अनुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जिला स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
-डॉ. नीलम कुश्वाह, डिप्टी सीएमओ, आयुष्मान भारत योजना अंबाला।