प्रीत नगर में अवैध रैंप और नाली पर किए गए कब्जे की शिकायत के बावजूद नगर निगम के अफसरों ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस पर शिकायतकर्ता अनूप राणा ने सीएम विंडो तक पर शिकायत डाली। इस शिकायत को भी निगम अफसर रफा-दफा कर गए। अब शिकायतकर्ता ने इस मामले में अतिरिक्त सिविल जज अंबाला की कोर्ट में डालकर न्याय की गुहार लगाई है। इस मामले में शिकायतकर्ता ने निगम आयुक्त डॉ. पार्थ गुप्ता, सीटीएम अशोक कुमार, डीसी अशोक कुमार, निगम के बिल्डिंग इंस्पेक्टर भीम सिंह, एक्सईएन सौरभ गोयल को बाइनेम पार्टी बनाया है। इस मामले की सुनवाई 8 सितंबर को होगी।
दरअसल प्रीत नगर निवासी अनूप राणा ने सीएम विंडो और निगम आयुक्त को दी शिकायत में कहा था कि प्रीत नगर में उसके घर के साथ वाले व्यक्ति ने गली पर कब्जा करते हुए अवैध निर्माण कर लिया है। इतना ही नहीं उसके घर की निकासी को रोकते हुए व्यक्ति ने नाली पर भी कब्जा कर लिया है। शिकायत के बाद निगम के बिल्डिंग इंस्पेक्टर ने खानापूर्ति के लिए उस रैंप को थोड़ा सा छोटा करवा दिया जबकि नाली के कब्जे को छेड़ा नहीं। सीएम विंडो के जवाब में तर्क दिया कि दूसरों के भी रैंप हैं अब ज्यादा किया तो उन सभी के भी रैंप तोड़ने पड़ेंगे। जवाब से नाखुश अनूप ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
सीएम विंडो और निगम आयुक्त को व्यक्तिगत शिकायत देने के बावजूद निगम ने अवैध रैंप को नहीं हटाया। नाली पर भी कब्जा अभी तक बरकरार है। इसीलिए अनूप राणा की ओर से मैंने केस दायर किया है।
अमित कुमार, एडवोकेट।