कैंट के बाजारों के साथ-साथ महेशनगर इलाके में भी नेशनल हाईवे 444-ए के दोनों ओर बने अवैध कब्जों और अतिक्रमण को भी हटाया जाएगा। डीसी अंबाला प्रभजोत सिंह ने इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन अंबाला (एमसीए) के आयुक्त को आदेश दिए हैं कि वे महेशनगर इलाके से अवैध कब्जे हटवाने की कार्रवाई शुरू करवाएं। डीसी ने एमसीए आयुक्त को निर्देश दिए हैं कि अवैध कब्जों और अतिक्रमण की रिपोर्ट तैयार करें और नोटिस देकर इनको हटवाएं।
कब्जों से सिकुड़ा नेशनल हाईवे
दरअसल, नेशनल हाईवे नंबर 444-ए अंबाला से साहा और फिर उससे आगे जगाधरी हाईवे से मिल जाता है। लेकिन इस हाईवे पर अंबाला के महेशनगर इलाके में इतना ज्यादा अतिक्रमण व अवैध कब्जे हैं, जिस वजह से ये चौड़ा हाईवे बहुत ज्यादा तंग हो जाता है। यहां गोबिंद नगर गुरुद्वारा चौक से लेकर टांगरी ब्रिज करीबन एक किलोमीटर के दायरे में सैकड़ों दुकानों व खोखों ने दोनों ओर अवैध कब्जे किए हैं। इन दुकानदारों ने 15 से 20 फीट तक सड़कों पर कब्जा कर रखा है, जबकि सड़कों पर ही दोनों ओर अवैध पार्किंग भी बनाई जा चुकी है। इतना ही नहीं इस क्षेत्र में सड़क पर ही अवैध रूप से अच्छी खासी मीट मार्केट भी सड़कों पर बसा दी गई। जिस वजह से यहां बदबू का आलम रहता है और ट्रैफिक भी खासा प्रभावित होता है।
डीसी अंबाला ने इन्ही हालातों को देखते हुए एमसीए आयुक्त को आदेश दिए हैं कि जल्द महेशनगर इलाके में तमाम अवैध कब्जों व अतिक्रमण को नोटिस देकर हटाया जाए।
उधर, एडवोकेट बेदी ने भी किया सर्वे
इसी महेशनगर इलाके में अवैध कब्जे और अतिक्रमण को लेकर हाईकोर्ट के एडवोकेट एसकेएस बेदी ने क्षेत्र का सर्वे किया है। वे भी अब इस मामले हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करने की तैयारी में हैं। हाईकोर्ट के वकील बेदी ने बताया कि उन्होंने इस महेशनगर क्षेत्र में कब्जों की रिपोर्ट तैयार कर ली है, यहां हालात बहुत ज्यादा दयनीय हैं, जिस वजह से बहुत ज्यादा चौड़ा हाईवे महेशनगर क्षेत्र में काफी सिकुड़ जाता है। उनके अनुसार यदि एमसीए ने कब्जों व अतिक्रमण को हटाने की योजना न बनाई तो उन्हें मजबूरन बाजारों की तरह एक और जनहित याचिका हाईकोर्ट में दाखिल करनी होगी।
चौड़ा बाजार में बांटे नोटिस, हड़कंप
उधर, हाईकोर्ट के आदेश पर बाजारों से कब्जा हटवाने की कार्रवाई के चलते एमसीए ने मंगलवार को कैंट के चौड़ा बाजार में दुकानदारों को नोटिस बांटे। नोटिस बांटने की प्रक्रिया से बाजारों में हड़कंप का माहौल बन गया। टीम एक-एक दुकान पर गई और सभी को नोटिस देकर उनकी प्राप्ति भी ली। नोटिस में हाईकोर्ट में कब्जे हटवाने के लिए डाली गई जनहित याचिका का ब्यौरा देते हुए दुकानदारों को खुद 7 दिन के भीतर अवैध कब्जे व अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए हैं। उसके बाद एमसीए खुद कार्रवाई करेगा और इस दौरान जो नुकसान होगा, उसका जिम्मेवार खुद दुकानदार होगा।
इधर, अंबाला सिटी में नालों से हटवाए अवैध कब्जे
अंबाला सिटी। नालों के ऊपर किए गए अतिक्रमण हटाने के लिए मंगलवार को एमसीए ने अंबाला सिटी में भी जेसीबी की मदद से शहर रेलवे फाटक के पास अभियान चलाकर करीब डेढ़ दर्जन दुकानों के आगे किए गए अवैध कब्जों को हटाया गया।
अभियान सफाई निरीक्षक फूल कुमार की अगुवाई में चलाया गया। पुलिस सुरक्षा के बीच यहां नालों के ऊपर किए गए अवैध कब्जों को हटाने की कार्रवाई शुरू करते हुए दुकानदारों को सड़क पर रखा सामान संभालने की चेतावनी दी गई जिसके बाद कोई दुकनदार विरोध नहीं कर पाया। जेसीबी मशीन सहित अन्य औजारों से लेस टीम ने जब अपनी कार्रवाई करते हुए नालों के ऊपर बनाए थड़े तोड़ डाले और पूरे नाले को सफाई के लिए खुला कर दिया।
हालांकि शुरू में कुछ दुकानदारों ने हलका विरोध भी किया लेकिन उनकी एक न चली और अतिक्रमण हटा दिया गया। सफाई निरीक्षक फूल कुमार के अनुसार स्थानीय दुकानदारों ने यहां से गुजर रहे नाले को पूरी तरह से छत रखा था। इससे नालों की पूरी सफाई नहीं हो पाती और बरसात के दिनों में यही नाले पानी की निकासी में बड़ी बाधा बनते हैं। नगर निगम इन नालों के ऊपर मेन होल बनवाना चाहता है।
टांगरी नदी में गिराई अवैध चहारदीवारी
उधर, इसी कड़ी में एमसीए ने मंत्री अनिल विज के आदेशों पर टांगरी नदी में अवैध रूप से बनाई गई चारदीवारी को भी जेसीबी से गिरा दिया। कई दिन पहले संबंधित व्यक्ति को खुद ही चारदीवारी गिराने का नोटिस दिया गया था, लेकिन संबंधित व्यक्ति ने कोई कार्रवाई नहीं की। जिसके बाद अब प्रशासनिक अमले ने पहुंचकर इस चारदीवारी को गिरा दिया। विज ने टांगरी नदी के निरीक्षण के दौरान ये पाया था कि किसी व्यक्ति ने नदी के भीतर ही लंबी-चौड़ी चारदीवारी बना ली है, जिस वजह से नदी का बहाव डिस्टर्ब होता है और बहाव कटकर बांध को भी क्षति पहुंचाता है। सिंचाई विभाग के अफसरों ने भी इस बारे में संबंधित व्यक्ति को नोटिस दिया और मंगलवार को सिंचाई विभाग व एमसीए की टीम ने इस अवैध को हटा दिया।
लालकुर्ती में तोड़ी अवैध दीवार
एमसीए की टीम ने अंबाला कैंट लालकुर्ती में भी एक अवैध रूप से बनाई गई दीवार ढहा दी। दरअसल, इस इलाके में एक व्यक्ति ने सीएम विंडो पर शिकायत की थी कि एक व्यक्ति ने अवैध रूप से दीवार बनाकर कब्जा किया है। इस शिकायत पर एमसीए ने जांच के बाद उसे अवैध पाया और मंगलवार को जाकर घर से आगे बढ़ाकर बनाई गई अवैध दीवार को ढहा दिया।
10 माह बाद दयाल बाग में तोड़ा अवैध गैराज
अंबाला कैंट के दयाल बाग क्षेत्र की गली में बने एक अवैध गैराज को एमसीए की टीम ने तोड़ दिया। इस बारे में इालाकवासियों ने अगस्त 2015 में सीएम विंडो पर शिकायत दी थी। लेकिन महीनों ये शिकायत एमसीए व डीसी कार्यालय में ही घूमती रही। लेकिन अब करीबन दस माह बाद लोगों की लामबंदता के चलते एमसीए की टीम मंगलवार को दयालबाग पहुंची और जांच के बाद अवैध रूप से गैराज ढहा दिया। एमसीए अफसरों का कहना है कि संबंधित व्यक्ति खुद ही गैराज तोड़ने की बात कह रहा था और एमसीए इस बात का इंतजार कर रहा था, इसलिए मामले में थोड़ी देरी हुई।
एमसीए कर्मियों के खिलाफ नारेबाजी
अंबाला सिटी। उधर, सिटी स्थित कपड़ा मार्केट में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करने गए रमन शर्मा और विकास की अध्यक्षता में टीम ने कपड़ा मार्केट में अतिक्रमण हटाना शुरू किया। इस दौरान दुकानदारों ने टीम का विरोध कर दिया। जिसके बाद दुकानदारों को सोमवार तक का समय दिया गया कि वह खुद ही अपना अतिक्रमण हटा लें। वहीं कार्यक्रम के दौरान निगम की टीम को रेहड़ी संचालकों के विरोध का भी सामना करना पड़ा। रेहड़ी संचालकों का कहना था कि निगम की जमीन पर कब्जे हुए हैं और दुकानदारों ने आगे दुकानें बढ़ा रखी हैं, लेकिन फिर भी हमें ही तंग किया जा रहा है। इस दौरान रेहड़ी वालों ने निगम अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।