आईजी वाईपूर्ण कुमार और डीजीपी मनोज यादव के बीच शुरू हुआ विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। अपने ही आलाधिकारी के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट में केस दर्ज करवाने को लेकर 19 मई को आईजी ने अंबाला के एसपी को शिकायत दी थी, लेकिन अभी तक केस दर्ज नहीं हुआ। ऐसे में अब पूरे मामले को लेकर दोबारा से आईजी वाईपूर्ण कुमार ने अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह विभाग को पत्र लिखकर केस दर्ज कराने की गुहार लगाई है। साथ ही आशंका जताई कि दुर्भावना वश उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
आईजी की ओर से अंबाला एसपी को दी गई शिकायत के बाद इसकी जांच डीएसपी कैंट रामकुमार की ओर से किया जा रहा था। इस संबंध में जब डीएसपी ने मेल से दस्तावेज और साक्ष्य मांगे तो आईजी ने उनकी जांच पर सवाल उठाया था। कहा था कि सीनियर अफसर के खिलाफ जूनियर कैसे जांच कर सकता है, वो भी बिना दोनों पक्षों के बयान लिए बिना। इसके बाद डीएसपी अंबाला कैंट रामकुमार ने सील बंद लिफाफे में अपनी रिपोर्ट सौंप दी। सूत्रों की मानें तो इस रिपोर्ट में केस दर्ज करने की कोई सिफारिश नहीं की गई। यह रिपोर्ट जिला न्यायवादी की रिपोर्ट के आधार पर तैयार की गई है। दूसरी ओर एकबार फिर आईजी वाईपूर्ण कुमार ने एसीएस को जो दोबारा शिकायत भेजी है उसकी कापी डीजीपी हरियाणा, डीजी विजिलेंस, डीजीपी स्टेट क्राइम ब्रांच, एडीजीपी सीआईडी, एडीजीपी एडमिनिस्ट्रेशन, एडीजीपी लॉ एंड आर्डर और संबंधित अधिकारियों को भेजी गई है।