अंबाला। हरियाणा गवर्नमेंट पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल वर्कर्स यूनियन संबंधित हरियाणा संयुक्त कर्मचारी मंच की एक महत्वपूर्ण बैठक बुधवार को जन स्वास्थ्य विभाग, शहर के कार्यकारी अभियंता के कार्यालय में संपन्न हुई। इस बैठक में कर्मचारियों की जॉब सिक्योरिटी और लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। यूनियन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 31 जनवरी 2026 तक उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वह कार्यकारी अभियंता कार्यालय के समक्ष उग्र आंदोलन शुरू करेंगे।
जॉब सिक्योरिटी के लिए डाटा पोर्टल पर होगा अपलोड
बैठक के दौरान कर्मचारियों की नौकरी की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठा। कार्यकारी अभियंता ने यूनियन की मांग पर संज्ञान लेते हुए उप मंडल अभियंताओं को निर्देश दिए कि वह जल्द से जल्द कर्मचारियों के अनुभव प्रमाणपत्र जारी करें। विशेष रूप से, 16 अगस्त 2024 के एक्ट के दायरे में आने वाले कर्मचारियों का डाटा हरियाणा कौशल रोजगार निगम पोर्टल पर अपलोड करने के लिए पांच कंप्यूटर ऑपरेटरों की विशेष ड्यूटी लगा दी गई है। यूनियन ने सभी साथियों को दस्तावेज तैयार करने के तरीकों के बारे में विस्तार से समझाया ताकि कोई भी कर्मचारी इस प्रक्रिया से वंचित न रह जाए।
एसटीपी मॉडल टाउन में हुई आगामी रणनीति पर चर्चा
कार्यकारी अभियंता के साथ बैठक के बाद, यूनियन ने एसटीपी मॉडल टाउन में एक और सभा आयोजित की। जिला अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की जॉब सिक्योरिटी नीति का लाभ उठाने के लिए अनुभव प्रमाणपत्र सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज है। उन्होंने कहा हम शांतिपूर्ण समाधान चाहते हैं, लेकिन कर्मचारियों के हितों से समझौता नहीं किया जाएगा। यूनियन ने विभाग को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि 31 जनवरी 2026 तक एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट और डाटा अपलोडिंग का कार्य पूरा नहीं होता है और अन्य मांगों का समाधान नहीं किया जाता, तो मजबूरन कर्मचारियों को आंदोलन की राह पकड़नी होगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी विभाग और प्रशासन की होगी।