अंबाला सिटी। जिले में धान कटाई का सीजन शुरू होते ही कृषि एवं किसान कल्याण विभाग सतर्क हो गया है। धान के अवशेष में लगने वाली आग को रोकने के लिए विभाग की ओर से गांव, खंड और जिला स्तर पर टीम का गठन किया गया है, अगर कोई किसान धान अवशेष में आग लगाता है तो उस किसान को विभाग की ओर से मेरा फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर दो वर्ष के लिए रेड एंट्री किया जाएगा। वह किसान दो वर्ष के लिए न अपनी फसल बेच पाएंगे और न ही सरकारी योजना का लाभ मिलेगा। धान अवशेष जलाने पर किसानों पर कानूनी कार्रवाई करने होगी और जुर्माना भी लगेगा।
गांव स्तर पर 429 टीम का गठन, खंड और जिला स्तर पर भी होगी टीम
कृषि विभाग की ओर से हर गांव में एक-एक टीम का गठन किया गया है। जिले में गांव में 429 टीम का गठन किया गया। इस टीम में पटवारी, पंचायत सचिव, कृषि विभाग कर्मचारी शामिल होंगे। खंड स्तर पर बीडीपीओ, एसएचओ, कृषि विभाग, केवीके अधिकारी और जिला स्तर पर डीडीए, प्रदूषण विभाग से एक्सईएन, एसडीओ, डीडीपीओ, डीएसपी हेडक्वार्टर, डीएमईयू अधिकारी शामिल होंगे। खंड व जिला स्तर पर एक-एक टीम का गठन किया गया है।
शिविर लगाकर विद्यार्थियों को किया जा रहा जागरूक
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने जिले के विभिन्न स्कूलों में शिविर लगाकर विद्यार्थियों को अवशेष के बारे में आग लगाने से होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी दी। मंगलवार को साहा खंड के गांव संभालखा, पिलखनी, गोकुलगढ़, साहा सहित अन्य स्कूलों में कृषि विभाग की ओर से जागरूकता शिविर लगाए गए। सहायक सांख्यिकी अधिकारी मनजीत कौर ने बताया कि फसल अवशेष में आग लगाने से न केवल मित्र कीट मरते है, बल्कि पर्यावरण एवं जमीन के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। लगातार आग लगाने से कृषि भूमि की उर्वरा शक्ति कम होती जा रही है। पर्यावरण खराब होने से मनुष्य व अन्य जीवों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
धान की फसल की कटाई के लिए विभाग सतर्क हो गया है। फसल अवशेष में आग न लगे, इसको लेकर गांव, खंड व जिला स्तर पर टीमों का गठन कर दिया गया है। फसल अवशेष में आग लगाने पर किसान को पोर्टल पर दो वर्ष के लिए रेड एंट्री दर्ज की जाएगी साथ ही जुर्माने लगाने के साथ कानूनी कार्रवाई भी होगी।
- डॉ. जसविंद्र सैनी, उप निदेशक, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग।