संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। नागरिक अस्पताल में इन दिनों कोरोना मरीजों की संख्या में लगातार हो रही बढ़ोतरी के कारण व्यवस्था प्रभावित हो चुकी है। बेड कम होने पर अब मरीजों को स्ट्रेचर व व्हीलचेयर पर ही ऑक्सीजन दी जा रही है। हैरानी तो तब हो गई जब रविवार सुबह ट्रामा सेंटर में एक मरीज के परिजन खुद ही चारपाई लेकर पहुंच गए और मरीज को उस पर लिटाकर ऑक्सीजन दिलवाई।
बेटा रोहन कोरोना संक्रमित बुजुर्ग मां को शनिवार को लेकर ट्रामा सेंटर पहुंचा। ट्रामा सेंटर में उस समय कोई बेड खाली नहीं था। इसीलिए महिला को स्ट्रेचर पर उपचार देने की कवायद शुरू हुई। इस पर तीमारदारों ने कहा कि स्ट्रेचर पर बुजुर्ग नीचे गिर सकती हैं। आप एक बेड का इंतजाम करवा दो। कर्मचारियों ने बेड की कमी का हवाला देकर स्ट्रेचर पर ही उपचार देने को कहा तो बुजुर्ग महिला का बेटा घर से एक चारपाई ले आया, जिस पर बुजुुर्ग महिला को उपचार दिया गया।
रोहन ने बताया कि उनकी माता शुक्रवार तक मनाली हाउस के एक निजी अस्पताल में कोरोना के चलते दाखिल थी। वहां से रात के समय निजी अस्पताल ने उन्हें यह कह कर घर भेज दिया कि अब आपकी माता बिल्कुल स्वस्थ हैं। आप इनको घर लेकर चले जाइए। जब बुजुर्ग को घर लेकर जाया गया तब बुजुर्ग की तबीयत फिर बिगड़ने लगी। इस पर संबधित परिवार ने निजी अस्पताल संचालक से बात की तो डॉक्टर ने कहा कि इनको कोविड था जो अब ठीक हो गया है। अब इनको कोई और समस्या है, आप इनको कहीं और दिखाएं। रोहन ने बताया कि निजी अस्पताल संचालक ने हमसे 8 दिन में 4 लाख रुपये भी ले लिए और हमारा मरीज भी ठीक नहीं हुआ। ऐसे में आम जनता के साथ कोरोना के नाम पर लूट हो रही है, जिस पर रोक लगनी चाहिए।
बेडों की हमारे पास कोई कमी नहीं है। ट्रामा सेंटर में पहली मंजिल पर 50 बेडों की व्यवस्था की जा चुकी है। कमी है तो सिर्फ मैनपॉवर की। रात को ही हमने बुजुर्ग के बेटे को चारपाई लाने के लिए मना कर दिया था। फिर भी वह जबरदस्ती चारपाई ले आया। हमें तो उपचार करना ही था, जो हम कर रहे हैं। वहीं निजी अस्पताल संचालकों की लूट का मुद्दा संज्ञान में है, जिस पर सिविल सर्जन ही कार्रवाई करेंगे। - डॉक्टर पवनीश अग्रवाल, डीएमएस, अंबाला।