अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर छावनी के सुभाष पार्क में हुए जिला स्तरीय कार्यक्रम से पहले गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा।
योग कार्यक्रम में महज 50 लोगों की इंट्री को लेकर सैर करने वाले लोग पिछले तीन-चार दिनों से विरोध कर रहे थे। लोगों ने पहले ही योग दिवस वाले दिन प्रदर्शन की चेतावनी दे दी थी। सोमवार को जैसे ही योग कार्यक्रम शुरू होने लगा तो कुछ लोग वहां पहुंच गए। पहले यह सभी पार्क के मुख्य गेट पर प्रदर्शन करने की तैयारी कर रहे थे। इसी बीच पुलिस ने उन्हें रोकते हुए पार्क के सामने बीपीएस प्लेनेटोरियम के बाहर खड़ा करा दिया। इसके बाद जैसे ही मंत्री विज अपने काफिले के साथ पहुंचे तो लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी थी। गाड़ी से उतरते ही मंत्री विज ने लोगों को बुलाकर उनकी बात सुनी और उसका समाधान करते हुए उन्हें भी पार्क में योग करने की अनुमति दे दी। तब जाकर मामला शांत हुआ।
प्रदर्शन में शामिल रमन शर्मा, सरदारा राम, राम प्रसाद टांडा, श्यामचंद, सुभाष शर्मा, उत्तम, हरदयाल, राजपाल, बंटी, श्रीराम, पृथ्वी सिंह, विजय शर्मा, सुनील आदि का कहना था कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर पार्क में योग कार्यक्रम हो रहा था और केवल 50 लोगों को बुलाने के लिए गुपचुप तरीके से पास दिए जा रहे थे, जबकि वह करीब 20 साल से पार्क में सैर कर रहे हैं और जब उन्होंने गेट पर खड़े सिक्योरिटी गार्ड व अन्य अधिकारियों से पूछा कि यह पास कौन और सार्वजनिक जगह पर किन आदेशों से दे रहा है तो कोई जवाब नहीं था। जब कोई सुनवाई नहीं हो रही थी तो प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि मंत्री विज के आने से पहले पुलिस व उनके बीच बहस भी हुई थी और पुलिस के एक मुलाजिम ने एक व्यक्ति का मोबाइल भी छीनने का प्रयास किया था जो कि शांत हो गया।
कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत कार्यक्रम हुआ था। कुछ लोग पार्क में जाने के लिए विरोध जताने लगे थे। बाद में उन्हें पार्क में जाने की अनुमति दे दी गई थी।
विजय, अंबाला कैंट थाना प्रभारी