ससुरालियों ने विवाहिता को संतान न होने और दहेज मांग को लेकर मौत के घाट उतार दिया था। इतना ही वारदात को आत्महत्या साबित करने के लिए ससुरालियों ने विवाहिता के शव को पंखे से लटका दिया था। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने ससुरालियों की परतें खोल दी।
कोर्ट ने वीरवार को इस मामले में आरोपियों को सजा सुनाते हुए आरोपी पति दीपक व सास कृष्णा निवासी बराड़ा को उमक्रैद की सजा सुनाई है। आरोपियों पर अदालत ने बीस-बीस हजार रुपये जुर्माना भी ठोका है। इस मामले में कोर्ट ने मृतका की ननद शालू को बरी कर दिया है।
अभियोजन पक्ष के एडवोकेट सुधीर सहगल ने बताया कि यमुनानगर के गांव मिर्जापुर निवासी रेनू की शादी बराड़ा के दीपक के साथ नवंबर 2011 में हुई थी। शादी के लगातार बाद से ही सुसराल पक्ष अपनी बहू रेनू को दहेज के लिए तंग करते थे। मृतका रेनू से ससुरालियों द्वारा तंग करने के बारे में अपनी मायके में परिजनों को भी बताया। लेकिन मायके पक्ष ने अपनी बेटी का घर बसा रहे, ये सोचकर कई बार समझौता करवाया।
उन्होंने बताया कि मृतका रेनू के पास कोई संतान नहीं थी, संतान नहीं होने पर भी ससुराल पक्ष उसके साथ मारपीट करते थे। मगर फरवरी 2014 में पति दीपक व सास कृष्णा ने रेनू का गला घोंटकर हत्या कर दी थी। किसी को शक नहीं होने तब आरोपियों ने शव को पंखे से लटका दिया था।
पुलिस ने इस मामले में मृतका के पिता सुरेंद्र कुमार की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया था। वहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि रेनू की मौत गला घोंटने से हुई। इस मामले में 9 गवाहियां हुई। कोर्ट ने मामले में अपना फैसला सुनाते हुए आरोपी पति दीपक व सास कृष्णा को उम्रकैद की सजा सुनाई।