हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के एडहॉक अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा ने प्रदेश सरकार से मांग की कि वह पंजाब से यहां के गुरुद्वारों में आकर कब्जा किए बैठे दबंग सिख नेताओं को निकाले और गुरुद्वारों की सेवा एचएसजीपीसी के हवाले करे। उन्होंने आरोप लगाया कि इन सिख नेताओं की नजर गुरुद्वारों के गुल्लक पर है। झींडा रविवार को अंबाला से शुरू किए गए एचएसजीपीसी के शांति मार्च की शुरुआत करवाने पहुंचे थे। इस तरह के शांति मार्च हर जिले में निकाले जाएंगे और वहां जिला उपायुक्तों को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया जाएगा।
अंबाला में भी रविवार को एचएसजीपीसी की समर्थक सिख संगतों ने चड्डा पैलेस में एकत्रित होकर एडीसी अंबाला प्रभजोत सिंह को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में झींडा व एचएसजीपीसी समर्थकों ने मुख्यमंत्री से मांग की कि वे हरियाणा के गुरुद्वारों में बढ़ रही पंजाब के सिख नेताओं की नफरी को गंभीरता से लेते हुए हस्तक्षेप करें और इन दबंग नेताओं को गुरुघरों से बाहर करें।
झींडा ने आरोप लगाया कि ये दबंग सिख नेता पंजाब से हथियार लाकर यहां गुरुद्वारों के कमरों में जमा कर रहे हैं। झींडा ने आरोप लगाते हुए कहा कि एसजीपीसी के सिख नेता गुरुद्वारों की गुल्लकों पर कब्जा करना चाहते हैं। झींडा ने कहा कि अलग कमेटी बनाए जाने को लेकर सब कार्रवाई पूरी हो चुकी है। उनके साथ मौजूद दीदार सिंह नलवी ने अलग कमेटी पर बोलते हुए कहा कि हरियाणा सरकार गुरुद्वारों की सेवा उनके हवाले करने के लिए खुद प्रशासन से कार्रवाई करवाएगी। वहीं, एडीसी अंबाला प्रभजोत सिंह ने कहा कि उन्हें एचएसजीपीसी ने जो ज्ञापन सौंपा है कि वे उस ज्ञापन को सरकार तक पहुंचा देंगे।