साहा इंडस्टि्रयल का एरियल व्यू। आर्काइव
साहा। साहा में स्थित नए औद्योगिक क्षेत्र में फैक्टरियों से निकलने वाले खराब पानी काे अब बर्बाद नहीं होने दिया जाएगा। इस पानी को साफ कर उपयोग में लिया जाएगा। प्रारंभिक रूप से इसका प्रयोग हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एचएसआईआईडीसी) अपनी ग्रीन बेल्ट को हराभरा बनाने में करेगा। इसके बाद भी अगर पानी सरप्लस होता है तो उसका प्रयोग औद्योगिक प्रतिष्ठानों की अनुमति के बाद उनकी भी ग्रीन बेल्ट के लिए दिया जाएगा। इस कदम से औद्योगिक क्षेत्र में ताजा पानी खपत को कम करने में मदद मिलेगी। इस काम के होने के बाद गर्मियों के समय में पानी की किल्लत से भी नहीं जूझना होगा। इसके साथ ही ताजा पानी पर औद्योगिक क्षेत्र की निर्भरता को कम किया जाएगा।
गौरतलब है कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियमों के अनुसार औद्योगिक क्षेत्र में पानी को साफ करने और दोबारा प्रयोग करने का नियम है। इसी के तहत इस काम को किया जाएगा।
5 एमएलडी का लगा है ट्रीटमेंट प्लांट
अब औद्योगिक क्षेत्र को स्थापित करने के बाद वहां पर पानी की ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की अनिवार्यता है। ऐसा इसलिए क्योंकि फैक्ट्रियों से निकलने वाला पानी किसी भी प्रकार से भूजल में न जाए और जल को प्रदूषित न करे। इसी के तहत साहा औद्योगिक क्षेत्र में 5 एमएलडी क्षकता का ट्रीटमेंट प्लांट लगाया है। इस ट्रीटमेंट प्लांट से रोजाना इंडस्ट्रीज से निकलने वाले पानी काे साफ किया जा रहा है। मगर यह पानी व्यर्थ बह जाता है। इसी को बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
पाइप लाइन डालने के लिए लगाई जाएगी निविदा
एचएसआईआईडीसी के अधिकारियों ने बताया कि पानी के ट्रीटमेंट प्लांट से लेकर साहा औद्योगिक क्षेत्र फेज-1 व फेज-2 कुल मिलाकर 550 एकड़ क्षेत्र है। इस पूरे क्षेत्र में पाइप लाइन डालने का काम किया जाएगा। इसके लिए निविदा लगाने की तैयारी की जा रही है। इस पाइप लाइन के माध्यम से ही औद्योगिक क्षेत्र की ग्रीन बेल्ट में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।