अंबाला। तोपखाना बाजार स्थित एक कच्चे मकान की छत गिरने से एक ही परिवार की दो महिलाओं सहित एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा इतना दर्दनाक था कि सास व बहू मलबे में ही दब गई। जबकि बाहर बैठे बेटे के सिर पर शटरिंग लगने से लहूलुहान हो गया। चीख पुकार सुनकर अन्य परिजन व पड़ोसी मौके पर पहुंचे। कड़ी मशक्कत के बाद महिलाओं को बाहर निकालकर छावनी के नागरिक अस्पताल पहुंचाया। जहां से तोपखाना निवासी स्नेहलता को सिर पर गहरी चोटें लगने के कारण चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। जबकि 60 वर्षीय निर्मला देवी के टांग में कई फ्रेक्चर, सिर पर चोटें व बेटे सतबीर को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल में दाखिल कर लिया। बताया जाता है कि कच्चे मकान के साथ ही इलाका पार्षद का मकान है। दीवार का प्लस्तर करने के लिए कच्चे मकान की छत के ठीक ऊपर ही मजदूरों की पैड बंधवा दी गई। मंगलवार को अचानक पैड टूटते ही शटरिंग गिरने के कारण छत ढह गई और नीचे बैठी महिलाएं दब गई। इलाका पुलिस ने सूचना मिलते ही मामले की जांच शुरू कर दी।
हाथों से मिट्टी हटाकर बचाई महिलाओं की जान
हादसे में बाल-बाल बचे मनमोहन का कहना था कि मंगलवार वह छुट्टी होने के कारण कमरे के बाहर ही बैठे हुए थे। जबकि मां व भाभी अंदर कमरे में थे। जोरदार आवाज के बाद जैसे ही उनकी आंख खुली तो देखा कि मकान की छत ढह चुकी है। कमरे में मां व भाभी दोनों मलबे के नीचे दब गई। अन्य परिजनों व पड़ोसियों के संग मिलकर हाथों से मिट्टी हटाकर उन्हें बाहर निकाला।
मौके से भाग गए मजदूर, इलाका पार्षद पर लगाए लापरवाही के आरोप
अस्पताल में उपचार करवाते समय घायलों व उनके परिजनों ने इलाका पार्षद पर लापरवाही के आरोप लगाए। मनमोहन का कहना था कि पैड लगाने से पहले ही पार्षद को बताया गया कि उनकी छत कच्ची है, इसलिए वह पैड न लगाए। जैसे ही हादसा हुआ था मजदूर बचाव करने की जगह मौके से ही भाग गए। परिजनों ने मौके पर पार्षद के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कहीं। मामला बिगड़ते ही थाने पहुंच गया।