अंबाला। इस बार फाल्गुन पूर्णिमा पर खग्रास चंद्र ग्रहण का साया रहेगा। मार्तंड एवं दिवाकर पंचांग के अनुसार, भारत के कई हिस्सों में यह ग्रहण आंशिक रूप से दिखाई देगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, 2 मार्च को शाम 5:56 बजे से भद्रा का प्रारंभ हो रहा है, जो तीन मार्च सुबह 5:32 बजे तक रहेगा।
भद्रा काल में होलिका दहन वर्जित होने के कारण इस बार दहन 3 मार्च, मंगलवार को किया जाएगा। होलिका दहन का शुभ समय रात्रि 8:00 बजे निश्चित किया गया है, जबकि रंगों वाली होली अगले दिन 4 मार्च को खेली जाएगी।
पंडित प्रवेश उनियाल ने बताया कि तीन मार्च को लगने वाले इस चंद्र ग्रहण का स्पर्श दोपहर 3:20 बजे होगा और मोक्ष सायं 6:45 बजे होगा। चूंकि यह ग्रहण भारत में ग्रस्तोदय रूप में दिखेगा। इसलिए सूतक काल ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे पूर्व यानी प्रातः 6:20 बजे से ही प्रभावी हो जाएगा। सूतक काल के दौरान मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे। संवाद