माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला सिटी। नारायणगढ़ के गवर्नमेंट मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 10वीं कक्षा के कंपार्टमेंट में भी अनुत्तीर्ण 30 विद्यार्थियों के दाखिले के मामले में नया मोड़ आ गया है। स्कूल प्रबंधन ने दोबारा दाखिला न देने के फैसले को सीबीएसई के नियमों के अनुरूप बताया है। इस संबंध में प्रिंसिपल ने अपनी रिपोर्ट जिला शिक्षा विभाग को सौंप दी है। वहीं, विभाग इन विद्यार्थियों के दाखिले के लिए सीबीएसई को विशेष केस भेजने पर विचार कर रहा है।
46 विद्यार्थी हुए थे अनुत्तीर्ण : स्कूल में 10वीं कक्षा के कुल 46 विद्यार्थी परीक्षा में अनुत्तीर्ण हुए थे। इसी परिसर में शिक्षा विभाग का बुनियाद सेंटर भी संचालित होता है। इनमें बुनियाद सेंटर के तीन विद्यार्थियों समेत चार ऐसे थे, जिनकी कंपार्टमेंट नहीं आई थी।
बाकी 42 विद्यार्थियों की कंपार्टमेंट आई थी। सीबीएसई ने मई में संबंधित विषयों की दोबारा परीक्षा कराई। इसमें 42 में से 12 विद्यार्थी पास हो गए, जबकि 30 दोबारा अनुत्तीर्ण रहे।
इसके बाद स्कूल प्रबंधन ने विद्यार्थियों के अभिभावकों को परीक्षा परिणाम और सीबीएसई के नियमों का हवाला देते हुए दोबारा दाखिला देने से इनकार कर दिया। इसके बाद कई अभिभावकों ने अपने बच्चों का नाम स्कूल से कटवा लिया।
विभागीय जानकारी के अनुसार, 10वीं या 12वीं में अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों को कुछ परिस्थितियों में उसी कक्षा में दोबारा दाखिला दिया जा सकता है। वहीं, कंपार्टमेंट वाले विद्यार्थियों को संबंधित विषय में दोबारा परीक्षा पास करने का अवसर मिलता है। यदि विद्यार्थी कंपार्टमेंट परीक्षा में भी अनुत्तीर्ण रहता है तो सीबीएसई से संबद्ध स्कूल में उसी कक्षा में दोबारा दाखिला लेने में दिक्कत आती है। ऐसे विद्यार्थियों के लिए ओपन बोर्ड से कक्षा दोबारा करने का विकल्प रहता है।
हालांकि, विशेष मामले के तौर पर विद्यार्थी का केस सीबीएसई को भेजा जा सकता है। बोर्ड इस पर विचार कर सकता है, लेकिन विशेष केस स्वीकार होने या दोबारा अनुक्रमांक जारी होने की कोई गारंटी नहीं होती।
पूरा मामला समझने के लिए प्रिंसिपल को भी बुलाया गया था। सीबीएसई के अधिकारियों से भी संपर्क किया गया। ऐसे में हमने निर्णय लिया है कि जो दाखिला लेना चाहते हैं उनका सीबीएसई को विशेष केस बनाकर भेजा जा सकता है, मगर इसमें हम अभिभावकों को एक अंडरटेकिंग देनी होगी कि कल को अनुक्रमांक नहीं आया तो विभाग की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी।
-सुधीर कालड़ा, जिला शिक्षाधिकारी