संवाद न्यूज एजेंसी
शहजादपुर। बिलासपुर गांव में गोगा माड़ी पर धार्मिक आयोजन बसेरा के दौरान हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया है। पुलिस की कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए तमाम ग्रामीणों ने थाने पहुंचकर प्रदर्शन किया। नाराज ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उनके पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की, जबकि दूसरे पक्ष के लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया।
घटना 5-6 अगस्त की रात करीब डेढ़ बजे की है। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान मामूली कहासुनी के बाद दोनों पक्षों में हिंसक झड़प हो गई। इस दौरान रास्ता रोककर मारपीट, वाहनों में तोड़फोड़ और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगे। झड़प में होमगार्ड अजय गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने नवनीत, विक्रम और अजय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
एकतरफा कार्रवाई का आरोप
पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट सरोज बाला ग्रामीणों के साथ थाने पहुंचीं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बच्चों से मारपीट और जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। उन्होंने पुलिस पर केवल दूसरे पक्ष के खिलाफ कार्रवाई करने का आरोप लगाया। वहीं, घायल होमगार्ड अजय के पिता करमजीत ने जांच अधिकारी पर समझौते के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया और निष्पक्ष जांच की मांग की।
थाना प्रभारी ने आरोपों को बताया निराधार
थाना प्रभारी ओम चंद ने जांच अधिकारी पर रिश्वत मांगने के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें निराधार बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस किसी दबाव में नहीं है और मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।