खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम शुक्रवार को पंसारी बाजार में देसी घी के सैंपल लेने पहुंची। यहां टीम ने पहले एसए ट्रेडर्स से वास्तु देसी घी, मिल्क फूड देसी घी और मुरली देसी घी के सैंपल भरे। इसके बाद अमित ट्रेडिंग कंपनी के पास पहुंची लेकिन यहां पर किसी भी प्रकार का देसी घी टीम को नहीं मिला। इसी दौरान किसी बात को लेकर जमकर बवाल हुआ। पुलिस ने इस मामले में विकास सिंगला, उनके भाई अमित सिंगला और प्रगति विहार निवासी केवल सिंह और मुकेश पर सरकारी काम में बाधा डालने, गाड़ी का शीशा तोड़ने सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विरोध में निकाला रोष मार्च
पुलिस की इस कार्रवाई से खफा पंसारी बाजार प्रधान विकास सिंगला ने अपने समर्थकों के साथ मिलकर रात के समय शांतिपूर्ण तरीके से रोष मार्च निकाला। इससे पहले पूरा पंसारी बाजार बंद कर दिया गया। रोष मार्च में उनके समर्थकों ने आरोप लगाए कि पुलिस ने काम करने वाली बेटियों के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया।
जानिए पुलिस ने क्या लिखा है अपनी एफआईआर में
सिपाही ईश्वर सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि शुक्रवार को मैं बतौर ड्राइवर थाना प्रबंधक कैंट की गाड़ी पर तैनात था। मैं और थाना प्रबंधक और गनमैन सिपाही नरेंद्र कुमार कैपिटल चौक पर गश्त कर रहे थे। इसी दौरान सूचना मिली कि पंसारी बाजार में झगड़ा होने की आशंका है। हम तुंरत वहां पहुंचे। वहां पहले से ही भीड़ जमा थी और खूब शोर-शराब हो रहा था। इस दौरान तक जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुभाष चंद्र व डॉ. अरविंद सिंह फूड इंस्पेक्टर अमित ट्रेडिंग कंपनी पंसारी बाजार में देसी घी के सैंपल ले चुके थे और कार्रवाई पूरी करके चलने लगे थे कि विकास सिंगला व अमित सिंगला ने अपने साथियों का कहा की इनको वापस मत जाने दो। पुलिस की गाड़ियां तोड़ दो। इतने में एक सरदार मेरी गाड़ी को रोककर बोनट पर बैठ गया। इसके अलावा सभी व्यक्ति गाड़ी के आगे खड़े हो गए।एक व्यक्ति ने सरकारी गाड़ी की दाहिनी साईड की खिड़की तोड़ दी। सभी जोर- जोर से आवाजें लगाने लगे की इनको जान से मार दो। गाड़ियों के आगे लेट गए। पुलिस पार्टी के साथ हाथापाई करने लगे।
इनके खिलाफ किया केस दर्ज
पुलिस ने इस मामले में केवल सिंह निवासी प्रगती बिहार, मुकेश निवासी प्रगति विहार, विकास सिंगला, अमित सिंगला व 10-12 अन्य व्यक्तियों के खिलाफ पुलिस पार्टी का रास्ता रोकने, सरकारी गाड़ी की बोनट पर चढ़कर खिड़की तोड़ने, ड्यूटी में बाधा डालने, हाथापाई करके जान से मारने की धमकियां देने व अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
क्या बोले विकास सिंगला
यूपी और बिहार से भी बदतर बना दिया है। सरेआम दिनदहाड़े पुलिस वाले आए। जहां पर पीर का दीया जलता है ज्योत लगती है वहां पर जूते लेकर चढ़ गए। मेरे वर्करों को मारने लगे। सरेआम हिटलरशाही। कोई कारण भी नहीं। कह रहे थे सैंपल लेने हैं। सैंपल तो मेरे गोदाम से 3-4 ले लिए थे। उसके बाद अपने आपको हीरो बनने के लिए कुछ अफसर यहां आए। उनको मेडल लगेगा। मैंने बाजार नहीं बंद करवाए लोगों ने खुद बाजार बंद किए हैं।
विकास सिंगला, प्रधान पंसारी बाजार।