कैंट के बाजारों से अतिक्रमण हटाने के मामले में एमसीए की कार्रवाई पर मंगलवार को सुनवाई के दौरान अफसरों को हाईकोर्ट ने जमकर फटकार लगाई। याची ने जहां एमसीए की कार्रवाई पर ही सवाल खड़े कर दिए, वहीं हाईकोर्ट ने कैंट के बाजारों में अतिक्रमण की स्थिति और एमसीए की कार्रवाई को लेकर लोकल कमिश्नर तैनात किया है, जो हाईकोर्ट में अपनी रिपोर्ट देगा। इस मामले में अब अगली सुनवाई 15 अक्तूबर को होगी।
यह है मामला कैंट के बाजारों से अतिक्रमण हटाने के लिए एडवोकेट एसकेएस बेदी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका डाली थी। इसी याचिका सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने म्यूनिसपल कारपोरेशन आफ अंबाला (एमसीए) को कैंट के बाजारों से अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए। इसके बाद एमसीए की कार्रवाई शुरु हुई, लेकिन यह कार्रवाई हमेशा ही विवादों में रही। इसी पर याची ने हाईकोर्ट में आपत्ति उठाई है।
यह हुआ सुनवाई के दौरान18 अगस्त को हाईकोर्ट में इस मामले में हुई सुनवाई के दौरान एमसीए अफसरों को हाईकोर्ट के जज ने जमकर फटकार लगाते हुए काफी तल्ख टिप्पणी भी की। इस दौरान जैसे ही एमसीए अफसरों ने ईदगाह रोड से अतिक्रमण हटाने को लेकर अपनी रिपोर्ट दी, याची ने इस पर आब्जेक्शन कर दिया। एमसीए का दावा है कि ईदगाह रोड से सभी अतिक्रमण हटा दिए गए हैं, जबकि याची का दावा है कि ऐसा नहीं है। इतना ही नहीं याची ने यहां तक कहा कि अभी तक एमसीए इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं कर पाया है और गुमराह कर रहा है। इसी पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने फिलहाल लोकल कमिश्नर को तैनात किया है, जो कैंट के बाजारों में अतिक्रमण का सर्वे करेगा।
फिर से होगा बाजारों का सर्वे हाईकोर्ट द्वारा कैंट के बाजारों में अतिक्रमण हटाने के मामले में लोकल कमिश्नर द्वारा सर्वे किया जाएगा। एक बार फिर से उन बाजारों का भी सर्वे होगा, जहां पर एमसीए कार्रवाई कर चुका है। इसी को लेकर याची ने सवाल उठाए थे कि उन बाजारों में फिर से अतिक्रमण हो चुका है, जहां पर पहले कार्रवाई की गई थी। ऐसे में करीब बीस बाजारों में फिर से अतिक्रमण को लेकर सर्वे होगा और लोकल कमिश्नर हाईकोर्ट में अपनी रिपोर्ट देंगे।