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Ambala News: लू के कारण दिल के मरीजों के खतरा अधिक, बाहर निकलने से करें परहेज

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शहर नागरिक अस्पताल में उपचार के लिए आए मरीज। संवाद
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अंबाला सिटी। रोजाना चल रही लू आम आदमी के साथ-साथ दिल के मरीजों पर भारी पड़ रही है। इस समय शहर और छावनी के नागरिक अस्पतालों में करीब 80 से 100 मरीज आ रहे हैं। ये मरीज लू चलने के बाद ही बढ़े हैं। पहले इनकी संख्या कम थी। निजी अस्पतालों में इनकी संख्या अलग है।
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ऐसे में चिकित्सक हृदय रोगियों और 60 साल से अधिक की आयु के बुजुर्गों काे एहतियात बरतने और गर्मी में घर पर ही रहने की सलाह दे रहे हैं। लू के कारण जहां सामान्य लोगों को परेशानी हो रही है तो वहीं दिल के मरीजों के गर्मी का मौसम किसी खतरे से कम नहीं है। चिकित्सकों की सलाह मानें तो लू में बाहर निकलना दिल के मरीजों के लिए हानिकारक है। अगर मरीज 60 वर्ष से ऊपर है तो उसे अधिक खतरा होता है। गर्मी के कारण दिल के मरीजों में फ्लू अधिक बढ़ जाता है। इससे उन्हें लू लगने और डिहाइड्रेशन होने का खतरा बना रहता है। इसलिए दिल के मरीजों को लू के समय बाहर नहीं निकलना चाहिए। शाम के समय या फिर सुबह के समय ही घर से बाहर जाना चाहिए।
दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार
अंबाला में हाल ही में मौसम के परिवर्तन से लोगों को गर्मी से हल्की राहत मिली थी। मगर शनिवार को एक बार फिर से गर्मी का असर दिखाई दिया। दिन का तापमान 40.3 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। जोकि सामान्य तापमान से एक डिग्री अधिक रहा। इतनी गर्मी में लोगों का घर से निकलना दूभर होता दिखा। इसी प्रकार रात्रि तापमान 28.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदन खींचड़ ने बताया कि राज्य में मौसम आमतौर पर 13 जून तक परिवर्तनशील मगर खुश्क रहने की संभावना है। इस दौरान पश्चिमी खुश्क गर्म हवा चलने से दिन के तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना है। इस दौरान तापमान बढ़ने से बीच-बीच में हल्के बादल तथा धूल भरी हवा चलने की भी संभावना है।
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ये हो सकती है समस्याएं
शहर नागरिक अस्पताल के डॉ. विशाल ने बताया कि दिल के मरीजाें में लू के कारण रक्तस्राव बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि हमारे शरीर में थ्रमोस्टेट होता है। जो शरीर के तापमान को नियंत्रित करता है। लू के कारण वह अनियमित हो सकता है। इसी कारण हमें गर्मी में भी बुखार हो सकता है। इससे बचाव के लिए दिल के मरीजों को नियमित मात्रा में ही पानी पीना चाहिए, दवा भी नियमित लेनी चाहिए। अधिक गर्म तापमान से बचना चाहिए। सूरज की सीधी किरणों से बचाव के लिए छात्रा या सिर को ढक कर रखने के लिए कपड़े का इस्तेमाल करना चाहिए।
गर्मी में दिल के रोगी बरतें सावधानी
गर्मी में दिल के रोगियों को सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि अधिक गर्मी और तेज धूप से दिल के मरीजों की परेशानी बढ़ सकती है। इसलिए दिल के मरीजों को गर्मी की कड़ी धूप से बचने की कोशिश करना चाहिए। बाहर का बढ़ता तापमान हमारे दिल पर बहुत प्रभाव डालता है। शरीर को ठंडा करने के लिए पसीने की जरूरत होती है। इस कारण हमारा शरीर स्वत: ठंडा हो जाता है, लेकिन अगर किसी कारणवश शरीर खुद को ठंडा नहीं कर पाता है, तब हमारे दिल को रक्त को पंप करने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। इसलिए गर्मी के मौसम में दिल के मरीजों को सावधानी बरतनी जरूरी है।
बुजुर्गों को रखना चाहिए ध्यान
गर्मी के दिनों में बुजुर्गों को खास तौर पर सावधानी बरतनी चाहिए। विशेषकर वैसी स्थिति में जब उन्हें उच्च रक्त चाप (हाई ब्लड प्रेशर), कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ा हुआ हो, मोटापा हो या फिर डायबिटीज हो।
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