शहजादपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में वेतन के नाम पर हुए करीब 94 लाख रुपये के गबन मामले में फरार चल रहे रिटायर्ड सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ. तरुण को फिलहाल हाईकोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। वीरवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई हुई, लेकिन कोई अंतिम नतीजा नहीं निकल सका। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 27 जुलाई की तारीख तय की है।
बता दें कि 12 मई को मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने शहजादपुर सीएचसी में कार्रवाई करते हुए रिकॉर्ड खंगाले थे। जांच में सामने आया था कि फर्जी तरीके से एमपीएचडब्ल्यू के वेतन के नाम पर सरकारी खजाने से करीब 94 लाख रुपये का चूना लगाया गया था। इस वित्तीय धोखाधड़ी के सामने आने के बाद से ही उस समय के एसएमओ डॉ. तरुण लगातार पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहे हैं। पुलिस ओर विजिलेंस विभाग की टीमें इस घोटाले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं। 94 लाख रुपये के इस बड़े गबन में केवल डॉ. तरुण ही नहीं, बल्कि 18 अन्य कर्मचारियों के खातों में पैसे ट्रांसफर हुए है। बाकायदा उन्हें शहजादपुर एसएमओ गुरप्रीत सिंह की तरफ से नोटिस भेजे जा रहे हैं। संवाद
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