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पटियाला से प्रसव पीड़ा में पैदल चलकर पहुंची अंबाला, अस्पताल में जन्मी स्वस्थ बच्ची

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स्वस्थ बच्ची को जन्म देने के बाद उसको गोद में लेकर बैठी महिला। - फोटो : Ambala
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पटियाला से यूपी के उन्नाव जाने के लिए पैदल छावनी रेलवे स्टेशन पर पहुंची प्रवासी महिला पूनम के प्रसव पीड़ा उठा गई। ईंटों के भट्ठे पर काम करने वाली महिला दो साल के बच्चे व पति के संग पहुंची थी। दर्द से कहराती महिला को पति जैसे-तैसे पास की चौकी लेकर पहुंचा। जहां पर तैनात स्टाफ ने आनन-फानन में एंबुलेंस को बुलाया। करीब पंद्रह मिनट तक दर्द से कहराने के बाद कहीं जाकर महिला को छावनी के नागरिक अस्पताल पहुंचाया। जहां महिला ने नार्मल डिलीवरी के दौरान एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। फिलहाल जच्चा व बच्चा दोनों को डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। बताया जाता है कि प्रवासी महिला व उसके परिवार को ऑटो शंभू बॉर्डर से लेकर कालीपलटन पुल के पास पहुंचा था। जैसे ही वह आधा किलोमीटर दूर चलकर स्टेशन पहुंची तो उसके प्रसव पीड़ा शुरू हो गई।
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घर जाने के जुनून के दो घंटे तक तड़पी और पैदल चली
गर्भवती होने के बाद घर जाने का जुनून इतना था कि अजन्मे को कोख में लेकर पैदल ही चल दी। पटियाला में ही हल्की पीड़ा शुरू हो गई थी लेकिन फिर भी चलती रही। लेकिन जब अंबाला के शंभू बार्डर के नजदीक पहुंची तो हिम्मत जवाब दे गई।
ईंटों के भट्ठे का काम ठप होने के कारण पड़ गए थे खाने के लाले
महिला के पति शिव चंद्र ने बताया कि वह पटियाला के पास गांव में इंटों के भट्ठे पर काम करते थे। लॉकडाउन के चलते काम पूरी तरह से ठप हो गया। पत्नी गर्भवती थी और वेतन भी नहीं मिल रहा था। खाने तक के लिए परेशानी उठानी पड़ रही थी। ज्यादा समय वहां बिताना बेहद मुश्किल हो रहा था। ऐसे में वह अपने जान पहचान वाले के घर एक रात रूके। शनिवार को सुबह ही वह गाड़ी में उन्हें शंभू बॉर्डर से पहले छोड़कर गए। जहां वह एक ऑटो पकड़कर अंबाला-दिल्ली हाइवे स्थित कालीपलटन पुल से कुछ दूरी पर पहुंचे। उन्हें सूचना मिली थी कि अंबाला रेलवे स्टेशन से ट्रेन जाती है। इसलिए वह पैदल ही स्टेशन की ओर बढ़ने लगे और अचानक गेट पर पहुंचते ही प्रसव पीड़ा हो गई।
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