दुखेड़ी गांव में शिफ्ट हुआ स्वास्थ्य विभाग का वेयर हाउस: संवाद
अंबाला। कैंट के औद्योगिक क्षेत्र में 2013 से पांच अलग-अलग बिल्डिंग में चल रहा स्वास्थ्य विभाग का वेयरहाउस आखिरकार दुखेड़ी गांव में स्थानांतरित हो गया है। सभी दवाओं को नई जगह पर शिफ्ट कर दिया गया है व अस्पतालों में भी वेयरहाउस से दवाइयों की सप्लाई शुरू कर दी गई है। इस वेयरहाउस से कुरुक्षेत्र, यमुनानगर व अंबाला में दवाओं की सप्लाई होती है। औद्योगिक क्षेत्र से एक किलोमीटर की दूरी पर बरसाती टांगरी नदी बहती है। 2013 व 2025 में टांगरी नदी उफान पर आने के बाद औद्योगिक क्षेत्र जलमग्न हो गया था। स्वास्थ्य विभाग के वेयरहाउस का ग्राउंड फ्लोर पानी में डूब गया था। लाखों रुपये की दवाइयां खराब हो गई थी। इसी संकट से छुटकारा पाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से यह कदम उठाया गया है।
नए वेयरहाउस की सड़क से पांच से छह फीट की ऊंचाई
दुखेड़ी गांव में जो वेयरहाउस स्वास्थ्य विभाग की ओर से लिया गया है उसमें जलभराव का विशेष ध्यान रखा गया है। मुख्य सड़क से इसकी ऊंचाई पांच से छह फीट तक है ताकि भविष्य में पानी की मार न झेल सके। कैंट के औद्योगिक क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से 2013 में वेयरहाउस बनाया गया था। पर्याप्त जगह न होने के कारण वेयरहाउस में आनी वाली दवाओं के लिए पांच अलग-अलग गोदाम किराये पर लिए हुए थे। जो अलग-अलग फैक्टरी में चल रहे थे। जब भी दवाओं की सप्लाई होती थी तो अलग-अलग गोदाम के चक्कर लगाने पड़ते थे। दुखेड़ी में पांचों गोदाम की दवा एक ही छत से नीचे रखने की पर्याप्त व्यवस्था है। ऐसे में अलग-अलग गोदामों का किराया देने से भी विभाग बचेगा। इस वेयरहाउस में 503 तरह की दवा उपलब्ध है। इसमें इंजेक्शन से लेकर गोलियां, ग्लूकोज, पट्टी आदि उपलब्ध रहता है।
दुखेड़ी गांव में स्वास्थ्य विभाग का वेयरहाउस शिफ्ट हो गया है। अस्पताल में भी वेयरहाउस से दवाओं की सप्लाई शुरू हो गई है।
डॉ. विशाल गुप्ता, प्रभारी, वेयरहाउस अंबाला
दुखेड़ी गांव में शिफ्ट हुआ स्वास्थ्य विभाग का वेयर हाउस: संवाद