अंबाला। नदियों और नालाें से गंदा पानी आबादी तक भी पहुंच गया है, इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग और जनस्वास्थ्य विभाग ने पानी के सैंपलों की जांच का काम शुरू कर दिया है। जिला स्तर पर यह काम किया जा रहा है, जिसमें टीमें अलग-अलग क्षेत्रों से रोजाना पानी के सैंपल ले रही हैं और उनकी जांच कर रिपोर्ट बनाई जा रही है। अधिकारियों की मानें तो इनमें से 10 प्रतिशत सैंपल गुणवत्ता के मानक पर फेल हो रहे हैं। हालांकि दो साल पहले अंबाला में आई बाढ़ के दौरान भी इस प्रकार से अभियान चलाकर पानी के सैंपल लिए गए थे, जिसमें काफी बड़े स्तर पर पानी के सैंपल फेल पा गए थे। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मानें तो इस बार कुछ राहत है।
हर दिन 50 सैंपल की हो रही जांच
स्वास्थ्य विभाग में जिला महामारी नियंत्रक डॉ. सुनील हरि ने बताया कि जनस्वास्थ्य विभाग और स्वास्थ्य विभाग मिलकर पानी की सैंपलिंग करने का अभियान चला रहे हैं, वैसे आम तौर पर सप्ताह में एक बार ही सैंपलिंग की जाती है, मगर इस समय जिले में अधिकांश क्षेत्रों में गंदा पानी आ रहा है इसलिए 50 सैंपल हर दिन लिए जा रहे हैं। अधिकांश सैंपलों में पानी की गुणवत्ता ठीक मिल रही है, जबकि 10 प्रतिशत सैंपल फेल भी हो रहे हैं। इन स्थानों पर तत्काल पानी की सप्लाई को रोका जाता है, वहां पर दूसरे पानी को उपलब्ध कराया जाता है। लोगों को सलाह दी जा रही है कि कम से कम एक से दो सप्ताह पानी को उबालकर पीयें या क्लोरीन की गोली डालकर पानी को साफ कर लें, इसके साथ ही अधिकांश स्थानों पर गंदे पानी की वजह रबड़ के पाइप से लीकेज का होना है। जिसे ठीक कराया जा रहा है।