सावधान! अगर आप हृदय रोग, किडनी और शुगर जैसी बीमारियों से जूझ रहे हैं। तो इस समय आपको विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। क्योंकि रोगियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता क्षीण हो जाती है। इसी कारण उन्हें जल्द ही कोई भी बीमारी अपना शिकार बना लेती है। ऐसे रोगियों को आसानी से कोरोना भी अपना शिकार बना सकते है। इसीलिए यदि आप न केवल उपरोक्त बल्कि किसी भी बीमारी से जूझ रहे हैं तो आपको दूसरों से ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। बता दें कि अंबाला छावनी के टिंबर मार्केट के रहने वाले हरजीत सिंह जिनकी मौत कोरोना से हुई उनकी बाईपास सर्जरी भी हो चुकी थी। इसके अलावा वह शूगर और बीपी के साथ किडनी की बीमारी से भी जूझ रहे थे।
2017 में हुआ था हरजीत का स्वाइन फ्लू
इतना ही नहीं 2017 में हरजीत सिंह को स्वाइन फ्लू भी हुआ था। इसीलिए वह इम्यूनो कोम्प्रोमाइज्ड ( ऐसी मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता सामान्य व्यक्तियों से कम होती है) था। लिहाजा ऐसे मरीज जिनको स्वाइन फ्लू या किसी विशेष प्रकार का फ्लू हो चुका है उन्हें भी विशेष सावधानियां बरतनी चाहिएं। ऐसे लोग घरों से न निकलें और स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी हिदायतों का पालन करें। यदि किसी भी प्रकार की दिक्कत है तो तुरंत नजदीकि अस्पताल में जाकर जांच करवाएं।
स्वास्थ्य विभाग जारी कर चुका है एडवाइजरी
इससे पहले ही स्वास्थ्य विभाग एडवाइजरी जारी कर चुका है कि 60 साल या इससे अधिक उम्र के स्वास्थ्य लोगों को भी विशेष सावधानी बरती चाहिए। वहीं किसी भी प्रकार की बीमारी से जूझ रहे मरीजों को भी ऐसे हालात में ज्यादा सावधान रहना चाहिए। क्योंकि यह इम्यूनो कोम्प्रोमाइज्ड हो जाते हैं। हरजीत सिंह इम्यूनो कॉम्प्रोमाइज्ड थे इसके बावजूद वह सतर्क नहीं रहे और कोरोना का शिकार बन गए।
हरजीत सिंह की बाइपास सर्जरी हो चुकी थी। वह शुगर-बीपी के अलावा किडनी की बीमारी से भी जूझ रहे थे। इसके बावजूद वह गुरूद्वारा साहिब में 26 मार्च तक जाते रहे। यह बड़ी लापरवाही है। ऐसे लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है इसीलिए उन्हें विशेष ध्यान देना चाहिए। ऐसे हालात में ऐसे लोग घर से बाहर न निकलें और सादा खाना खाएं। यदि कोई उपचार चल रहा है तो उसके अनुसार ही दवा लेते रहें।
डॉ. कुलदीप सिंह, सिविल सर्जन।