अंबाला। शिवा मेडिकल हॉल व एजेंसी से जब्त कोल्डबेस्ट पीसी सिरप के सैंपल फेल हो गए हैं। हरियाणा ड्रग एंड कंट्रोल डिपार्टमेंट ने दोनों जगह पर रेड कर सिरप की 326 बोतल बरामद की थी। इसके बाद सैंपल जांच के लिए भेजे गए। खांसी-जुकाम के लिए तैयार इस सिरप में जांच के दौरान डाइएथिलीन ग्लाइकोल की मात्रा 34.97 फीसदी पाई गई है। इसी आधार पर अब दोनों के खिलाफ भादंसं की धारा के साथ ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत केस दर्ज करवाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस सिलसिले में एसपी अभिषेक जोरवाल को डिपार्टमेंट की ओर से एक शिकायत दी गई है। इससे पहले यह सिरप तैयार करने वाली कंपनी के खिलाफ हिमाचल प्रदेश के कालाअंब में केस दर्ज हो चुका है।
जम्मू कश्मीर में बच्चों की मौत के बाद हुई कार्रवाई
बचों के खांसी जुकाम के लिए तैयार किए गए कोल्डबेस्ट सिरप से जम्मू कश्मीर के रामनगर इलाके में अचानक कई बच्चों की मौत से स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया था। ऐसा माना जा रहा है कि इस दवा के सेवन से करीब एक दर्जन बच्चों की मौत हो गई। जबकि कई बच्चों की किडनियां फेल हो गई। पहले जम्मू कश्मीर के ड्रग डिपार्टमेंट ने अपने स्तर पर इस दवा की जांच करवाई थी। पीजीआई में हुई जांच के दौरान दवा में डाइएथिलीन ग्लाइकोल की मात्रा ज्यादा पाई गई थी। इसी को बच्चों की मौत की बड़ी वजह बताया जा रहा है। इसके बाद जम्मू कश्मीर ड्रग डिपार्टमेंट ने हरियाणा के साथ पड़ोसी राज्य पंजाब व हिमाचल प्रदेश में भी दवाई को जब्त करने की बात कही थी ताकि इन राज्यों में दवा के सेवन से किसी बच्चे की जान न जाए। इसके बाद ही कैंट के इंडस्ट्रियल एरिया में शिवा मेडिकल हाल व निकल्सन रोड पर स्थित शिवा मेडिकल एजेंसी पर ड्रग डिपार्टमेंट की ओर से रेड की गई थी। रेड के दौरान दो अलग-अलग बैच के सिरप की 326 बोतल जब्त की गई थी। हरियाणा ड्रग एंड कंट्रोलर नरेंद्र आहूजा की अगुवाई में पूरी कार्रवाई की गई थी।
जांच में फेल हो गए दवा के सैंपल
शिवा मेडिकल हाल व एजेंसी से जब्त कोल्डबेस्ट के कई सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे। सभी सैंपल की रिपोर्ट डिपार्टमेंट के पास आ चुकी है। पता चला है कि जब्त दवाई में डाइएथिलीन ग्लाइकोल की मात्रा 34.97 फीसदी पाई गई है। इसके कारण ही जम्मू कश्मीर में मासूम बच्चों की किडनियां खराब होने का दावा किया जा रहा है। बाद में 12 बच्चों की मौत हो गई। सैंपल रिपोर्ट आने के बाद ही डिपार्टमेंट फिर हरकत में आ गया। डिपार्टमेंट की ओर से अब शिवा मेडिकल हाल व एजेंसी संचालकों के खिलाफ ड्रग एंड कॉस्टमेटिक एक्ट की धारा-17 ए, 18 ए (1)27 ए व भादंसं की धारा 308 के तहत केस दर्ज करने की सिफारिश की गई है। ड्रग इंस्पेक्टर प्रवीण चौधरी ने खुद एसपी अभिषेक जोरवाल को इस सिलसिले में एक शिकायत देने की भी पुष्टि की है।
सस्पेंड हो चुका कंपनी का लाइसेंस
कोल्डबेस्ट के सैंपल फेल होने के बाद हिमाचल प्रदेश सरकार कंपनी का लाइसेंस सस्पेंड कर चुकी है। विधानसभा सत्र में खुद हिमाचल प्रदेश के सीएम जयराम ठाकुर सदन में पूरे मामले पर सफाई दे चुके हैं। दवाई की रिपोर्ट आने के बाद ही हिमाचल प्रदेश के कालाअंब में दवाई का निर्माण करने वाली कंपनी के खिलाफ ड्रग एंड कॉस्टमेस्टिक एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। उधर ड्रग डिपार्टमेंट ने एक नोटिस जारी कर शिवा मेडिकल हाल व एजेंसी से भी दवा की खरीद फरोख्त से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड मांगा है। इसके बाद ही दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी।
मोटर गाड़ियों में होता है इस्तेमाल
डाइएथिलीन ग्लाइकोल कार्बनिक यौगिक है जिसका इस्तेमाल मोटर गाड़ियों में एंटी फ्रिज के रूप में होता है। यह गंधहीन, रंगहीन और सिरप जैसा होता है और इसका स्वाद मीठा होता है। यह बेहद खतरनाक होता है। इसके इस्तेमाल से मौत तक हो सकती है।
शिवा मेडिकल हाल व एजेंसी से जब्त कोल्डबेस्ट के सैंपल फेल हो चुके हैं। दवाई में डाइएथिलीन ग्लाइकोल की मात्रा 34 फीसदी से ज्यादा पाई गई है। इसके कारण ही जम्मू कश्मीर में दवा का सेवन करने से बच्चों की किड़नियां प्रभावित हुई। बाद में कई बच्चों की मौत हो गई। दवा की खरीद फरोख्त करने वाली दोनों एजेंसियों के खिलाफ केस दर्ज करवाया जा रहा है। एसपी को मामले की शिकायत दी गई है। ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट के दायरे में दोनों पर कार्रवाई होगी। इस जुर्म में दस से लेकर उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है।
-प्रवीण चौधरी, ड्रग इंस्पेक्टर, ड्रग एंड कंट्रोल डिपार्टमेंट, अंबाला