हाईकोर्ट के आदेशों पर कार्रवाई करते हुए हरियाणा शिक्षा विभाग के मौलिक शिक्षा निदेशालय ने अब सूबे में सरकारी स्कूलों में प्रोमोट किए गए 1981 मिडल हैड टीचरों की प्रोमोशन रद करने का फैसला लिया है। इस बारे में मौलिक शिक्षा निदेशक ने ऑर्डर जारी कर दिए हैं। ऑर्डर में उन्होंने तुरंत प्रभाव से तमाम सरकारी मिडल स्कूलों में बतौर हैड टीचर प्रमोट किए गए शिक्षकों की पदोन्नति को रिवर्ट करने के आदेश दिए हैं। अब मिडल स्कूल के हैड टीचर फिर से मास्टर कैडर पर ही काम करेंगे। इन आदेशों को हरियाणा के सभी जिलों के शिक्षा अधिकारियों व मौलिक शिक्षा अधिकारियों को भेज दिया गया है।
नियमों को ताक पर रखकर की गई थी प्रमोशन
हरियाणा शिक्षा विभाग के अंतर्गत सरकारी स्कूलों में अभी तक व्यवस्था प्राइमरी स्कूलों के हैड टीचर, हाई स्कूलों के हैड मास्टर व सीनियर सेकेंडरी स्कूलों के प्रिंसिपल की थी। लेकिन पिछली सरकार ने फरवरी 2013 व जनवरी 2014 में आदेश जारी कर मिडल व हाई स्कूलों के मास्टर कैडर टीचरों के लिए एलीमेंट्री (मिडिल) स्कूल हैड मास्टर नाम से नई पोस्ट सृजित करते हुए इस पोस्ट पर इनकी पदोन्नति कर दी।
प्रदेशभर के सभी जिलों से मास्टर कैडर के 1420, सीएंडवी हिंदी कैडर के 297, सीएंडवी संस्कृत कैडेर 224 व सीएंडवी पंजाबी कैडर के 40 मास्टाों को एलमेंट्री स्कूल हैड मास्टर पद पर प्रमोट कर दिया था। लेकिन पूर्व सरकार के इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई, जिसमें ये बताया गया कि एलीमेंट्री हैड टीचर की जो पोस्ट सरकार ने सृजित की, वो तो ठीक है, लेकिन उन सभी पर मास्टरों की प्रमोशन करना नियमानुसार नहीं है, इस पद को भरने के लिए न तो कोई विज्ञापन दिया गया और न ही आवेदन मांगे गए, खुद ही कार्रवाई करते हुए मास्टरों को इस पद पर प्रोमोशन दे दी गई।
हाईकोर्ट ने इस मामले में दिसंबर 2015 में विभाग को जरूरी कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। जिसके बाद सरकार ने अब हाईकोर्ट के इस आदेश पर एक्शन लेते हुए सूबे में एलमेंट्री हैड टीचर पद पर प्रमोशन पाने वाले सभी 1981 अध्यापकों को रिवर्ट करने के आदेश दे दिए हैं। उधर, जिला शिक्षा अधिकारी उमा शर्मा व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी धर्मवीर कादियान का कहना है कि इस मामले में सरकारी आदेश पहुंच चुके हैं। जैसे भी आला अफसरों के आदेश हैं, उसके अनुसार ही जिले में कार्रवाई की जाएगी।
उधर, एडवोकेट संदीप सचेदवा ने कहा कि खट्टर सरकार इस मामले में अपना काम कर रही है। अध्यापकों की ये प्रमोशन और इस पद का सृजन पिछली सरकार के कार्यकाल में हुआ था। हाईकोर्ट ने भी माना कि इस प्रमोशन में कहीं न कहीं खामियां हैं, इसलिए हरियाणा शिक्षा विभाग ने अब ये कार्रवाई की है। उनके अनुसार मौजूदा हरियाणा सरकार पिछली सरकार के नियमों को ताक पर रखकर किए गए कामों को स्वीकार नहीं करेगी। सरकार इस मामले में फिलहाल हाईकोर्ट के आदेशों की पालना कर रही है।