मैच के दौरान विजेता अब्दुल कादिर की फाइल फोटो। फाइल फोटो
अंबाला। मन में लगन हो तो इंसान कुछ भी कर सकता है। इस बात का जीता जागता उदाहरण छावनी की रामकिशन कॉलोनी के नेशनल बॉक्सिंग खिलाड़ी अब्दुल कादिर हैं। उन्होंने बड़े भाई को देखकर प्रेरणा ली। बॉक्सिंग कोच संजय ने बताया कि अब्दुल कादिर बॉक्सिंग में उभरते हुए खिलाड़ी हैं। उन्होंने नेशनल ही नहीं बल्कि विदेश में अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग मैच खेलकर प्रतिभागिता की। मौजूदा समय में अब्दुल कादिर पुणे स्थित एएसए आर्मी स्पोट्र्स इंस्टीटयूट में प्रैक्टिस कर रहे हैं।
पिता करते हैं प्रिंटिंग का काम
अब्दुल कादिर ने बताया कि उसके पिता स्क्रीन प्रिंटिंग का काम करते है। प्रैक्टिस के दौरान कई बार उन्हें भरपूर मात्रा में प्रोटीन नहीं मिलता था। कई बार डाइट की कमी रहती थी। उस दौरान वह अपने घर का बना खाना ही खाते थे और प्रैक्टिस करते थे।
ऐसे शुरू हुई बॉक्सिंग की शुरुआत
अब्दुल कादिर ने बताया कि 2016 में बड़ा भाई अबु सुफयान छावनी के एसडी कालेज स्थित प्राइवेट सेंटर में बॉक्सिंग सीखने के लिए जाता था। भाई को बॉक्सिंग करते देख उनके मन में भी बॉक्सिंग करने की इच्छा जागी, लेकिन भाई ने यह कहकर मना कर दिया कि बॉक्सिंग उसके बस की बात नहीं है। वहीं पिता ने भी कहा कि वह अभी छोटा है। लेकिन अब्दुल कादिर नहीं माने और 2017 में वह भी एसडी कालेज में बॉक्सिंग सीखने पहुंच गए। यहां पर उन्होंने कोच नीरज से दो साल तक बॉक्सिंग की बेसिक सीखी। इसके बाद वह कोच संजय के संपर्क में आए वार हीरोज स्टेडियम में कोच संजय से बॉक्सिंग की बारीकियां सीखी और अपने आप को निखारा। तीन साल बॉक्सिंग सीखने के बाद वह पुणे स्थित एएसए आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीटयूट में पहुंच गए और अब वहां प्रैक्टिस कर रहे हैं।
ये हैं उपलब्धि
2022 में रोहतक में जूनियर हरियाणा स्टेट प्रतियोगिता स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद बिहार के पटना में आयोजित जूनियर नेशनल में स्वर्ण पदक,2023 में सोनीपत के गोहाना में हरियाणा स्टेट प्रतियोगिता में कांस्य पदक, 2023 में फरीदाबाद में स्कूल स्टेट में रजत पदक जीता। इसी तरह से अप्रैल 2024 में यूरोप में आयोजित यूथ वर्ल्ड कप चैंपियनशिप में भागीदारी रही। वहीं 2024 में पुणे में आयोजित आरईसी वेस्ट जोन टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक जीतकर नाम कमाया।