संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा के तहत नगर निगम ने शहर के कई जगहों से अतिक्रमण हटाया। शहर के पॉलीटेक्निक चौक से लेकर पुराना सिविल अस्पताल तक भी कई रेहड़ी संचालकों को हटाया गया। अब यह रेहड़ी संचालक यहां दोबारा रेहड़ी लगाने के लिए निगम के चक्कर काट रहे हैं। सोमवार को रेहड़ी संचालकों ने नगर निगम में पहुंचकर मेयर शैलजा संदीप सचदेवा से रेहड़ी लगवाने की गुहार लगाई। वहीं, निगम की ओर से कई रेहड़ी संचालकों को प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत पंजीकृत भी किया गया है।
रेहड़ी संचालक के बेटे हरीश ने बताया कि उनके पिता पिछले करीब 35 वर्ष से पॉलीटेक्निक चौक के पास फल की रेहड़ी लगा रहे थे। निगम की ओर से उनकी रेहड़ी हटवा दी गई। उन्होंने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में अपना पंजीकरण भी करवाया है। साथ ही 20 हजार का लोन भी लिया हुआ है। अब रेहड़ी नहीं लगने से किस्त भरने में दिक्कत आ रही है।
रेहड़ी संचालक राजू ने बताया कि वह 14 वर्ष से पॉलीटेक्निक चौक पर जलजीरा की रेहड़ी लगाकर अपने परिवार का पोलन-पोषण कर रहे थे। अब 20 दिन से रेहड़ी नहीं लगी है। वह घर पर ही बिना काम के बैठे हैं। उनकी एक माह की करीब 2250 रुपये किश्त कटती है। उनको उधार लेकर किश्त भरनी पड़ेगी।
रेहड़ी संचालक राजेंद्र ने बताया कि वह पॉलीटेक्निक चौक पर करीब 30 वर्ष से परांठा बनाने की रेहड़ी लगा रहे थे। अब उनकी रेहड़ी घर पर ही खड़ी है। जिससे उनको परिवार के पालन-पोषण में दिक्कत आ रही है।
रेहड़ी संचालकों ने उनसे आकर मुलाकात की थी। उनकी ओर से निगम आयुक्त से बातचीत की है ताकि पॉलीटेक्निक चौक से हटाए गए इन रेहड़ी संचालकों को बसाने का भी इंतजाम किया जा सके। आयुक्त ने एक-दो दिन में समाधान का आश्वासन दिया है। रेहड़ी संचालकों ने उनको प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के पत्र भी दिखाए हैं। ऐसे करीब 10 से 12 रेहड़ी संचालक उनके पास आए थे।
शैलजा संदीप सचदेवा, मेयर, नगर निगम।