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Ambala News: हरियाणवी और पंजाबी लोकनृत्य ने बांधा समा

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अंबाला छावनी के सैन्य क्षेत्र ​स्थित रेना ऑडिटोरियम में आयोजित संस्कृति उत्सव में प्रस्तुती देत
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अंबाला। सरस्वती वंदना से शुरु हुई संस्कृति उत्सव में उन्माद, मस्ती और संवेदना नजर आई। उत्तर भारत के 10 कैंटोनमेंट बोर्ड के बच्चों ने इसमें सांस्कृतिक नृत्य की प्रस्तुति देकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया।
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हरियाणवी नृत्य ने जहां दर्शकों में जोश भर दिया, वहीं पंजाबी लोकनृत्य ने दर्शकों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। जबकि डलहौजी के बच्चों ने शिवमय आधारित हिमाचल गीत गुनगुनाया और नृत्य किया तो इसे देखकर प्रत्येक दर्शक भक्ति के सागर में हिचकोले खाने लगा।
रैना ऑडिटोरियम में शुक्रवार को कैंटोनमेंट बोर्ड अंबाला द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जोकि छह वर्ष बाद हुआ था। रक्षा संपदा पश्चिमी कमान के अंतर्गत आने वाले स्कूलों के बच्चों का सांस्कृतिक महोत्सव संस्कृति 2024 का आयोजन 22 से 23 नवंबर तक किया जा रहा है। इसमें हरियाणा, पंजाब, हिमाचल व दिल्ली छावनियों के बच्चे भाग ले रहे हैं।
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इस कार्यक्रम में को तीन वर्गों में बांटा गया है। पहले वर्ग में सब जूनियर, दूसरे वर्ग में जूनियर और तीसरे वर्ग में वरिष्ठ बच्चे अपनी प्रतिभा का मंचन कर रहे हैं। पहले दिन के कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधान निदेशक रक्षा संपदा पश्चिमी कमान शोभा गुप्ता ने किया। कार्यक्रम का समापन शनिवार को होगा और विजेता बच्चों को सम्मानित किया जाएगा।
800 बच्चे कर रहे सहभागिता
कैंटोनमेंट बोर्ड द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में 800 बच्चे सहभागिता कर रहे हैं। इसमें कैंटोनमेंट बोर्ड अंबाला के स्कूल में पढ़ने वाले 121 बच्चों सहित अमृतसर के 65 बच्चे, डगशई के 37, जालंधर के 125, बक्लोह के 46, डलहौजी के 44, दिल्ली के 137, फिरोजपुर के 128, जतौग के 57 और कसौली कैंटोनमेंट स्कूल के 39 बच्चे हिस्सा ले रहे हैं।
यह हो रही प्रतियोगिताएं
संस्कृति 2024 उत्सव में समूह गीत, समूह नृत्य के अलावा एकल गीत व नृत्य प्रस्तुत किए जा रहे हैं। वहीं लघु नाटिका और स्किट आदि का भी मंचन किया जा रहा है। इसके अलावा लोक नृत्य व वेस्टर्न संगीत पर आधारित आर्केस्ट्रा का मंचन और अंबाला कैंट के वात्सल्य स्कूल में पढ़ने वाले दिव्यांग बच्चों की प्रतिभा का मंचन भी शामिल है।
पीएमश्री स्कूल का प्राप्त करें दर्जा
प्रधान निदेशक शोभा गुप्ता ने बताया कि निदेशालय पश्चिमी कमान के अंतर्गत छावनी परिषद डलहौजी का एक स्कूल पीएमश्री योजना में चयनित हो चुका है। इस योजना का लाभ हमारी छावनियों के सभी बच्चों को मिले, इस उद्देश्य से सभी मुख्य अधिशासी अधिकारियों को सलाह दी गई है कि वे भी अपने स्कूलों के लिए यह दर्जा प्राप्त करें ताकि उनके स्कूलों के बच्चों को भी इस योजना का लाभ प्राप्त हो सके। उन्होंने अपने इस संदेश के साथ छावनी परिषद के स्कूलों में सांस्कृतिक कार्यक्रम को प्रारंभ करने की अनुमति दी।
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अंबाला छावनी के सैन्य क्षेत्र स्थित रेना ऑडिटोरियम में आयोजित संस्कृति उत्सव में प्रस्तुती देत

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