बिना फॉग लाइट के छावनी बस अड्डे पर खड़ी अंबाला डिपो की बस। संवाद
अंबाला। दिसंबर माह में कड़ाके की ठंड के साथ धुंध भी बढ़नी शुरू हो जाती है। इससे होने वाले सड़क हादसों का खतरा भी बढ़ने लगता है, वहीं दूसरी और धुंध को लेकर हरियाणा रोडवेज के अंबाला डिपो की बसों के साथ पंचकूला, रेवाड़ी, झज्जर सहित अन्य बसों में फॉग लाइट नहीं लगाई गई है। रोडवेज की अधिकतर बसें बिना फॉग लाइट के ही सड़कों पर दौड़ रही हैं। ऐसे में अगर हादसा हो गया तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। कई बार हाइवे के बीच में लगी सफेद पट्टी धुंध के कारण गायब हो जाती है, ऐसे में चालक अंदाजे से ही बस का संचालन करते हैं, जहां-जहां सफेद पट्टी नजर आती है, तो वहां चालकाें को कुछ सहायता मिलती है। ऐसे में वाहनों के आगे लगी फॉग लाइट धुंध को चीरती हुई चालक को रास्ता दिखाने में सहायक होती है। इस लाइट के कारण धुंध में कई हादसों को टाला जा सकता है।
170 से अधिक बसें
अंबाला डिपो में 170 से ज्यादा रोडवेज की बसें है। इसमें नौ मिनी पिंक बसें हैं। इन पिंक बसों को रोडवेज की तरफ से लोकल और ग्रामीण मार्ग पर चलाया जा रहा है। इनमें से किसी भी बस पर अभी तक फॉग लाइट नहीं लगाई गई है। इसके अलावा अधिकतर सामान्य बसों में भी ऐसे हालात देखने को मिल रहे हैं।
अलग-अलग डिपो की बसें
शनिवार को अंबाला छावनी बस स्टैंड के काउंटर नंबर 14 पर पंचकूला डिपो की बस खड़ी थी, इस बस को कालका जाना था, लेकिन इस बस पर फॉग लाइट नहीं थी। इसी तरह से झज्जर डिपो की बस जो जालंधर से दिल्ली जा रही थी, इस पर भी फाॅग लाइट नहीं थी, वहीं रेवाड़ी डिपो की बस जो चंडीगढ़ से दिल्ली जा रही थी, इस पर भी फॉग लाइट नजर नहीं आई। अंबाला डिपो की वातानुकूलित बस जो दिल्ली से नारायणगढ़ जा रही थी और अंबाला छावनी बस स्टैंड परिसर में खड़ी थी। इस पर भी लाइट नहीं लगी हुई थी। इसी प्रकार अन्य डिपो की बसों के भी हालात ऐसे ही थे।
अंबाला में अधिकतर बसों में फॉग लाइट लगी है, जो बसें रह गई हैं, उनमें भी जल्द ही फॉग लाइट लगा दी जाएगी। अंबाला में 80 फॉग लाइट आई हैं, इनमें से 40 लाइट नारायणगढ़ सब डिपो में भेज दी गई हैं।
-महावीर, वर्कशाप मैनेजर, अंबाला डिपो।
बिना फॉग लाइट के छावनी बस अड्डे पर खड़ी अंबाला डिपो की बस। संवाद