हरियाणा सरकार ने अंबाला कैंट में भूमि पंजीकरण, भवन के नक्शे तथा इंतकाल (म्यूटेशन) करवाने की वर्षों पुरानी मांग को पूरा कर दिया है। इससे अब अंबाला कैंट के लोग अपनी जमीन का पंजीकरण व नामांतरण आसानी से करवा सकेंगे। इस बारे में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भी अपनी मंजूरी प्रदान कर दी है।
यह निर्णय मंगलवार को यहां स्वास्थ्य मंत्री एवं अंबाला कैंट के विधायक अनिल विज की अध्यक्षता में आयोजित वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में लिया गया हैं। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव आरके खुल्लर, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के प्रधान सचिव अनिल कुमार, अशोक सांगवान, प्रभजोत सिंह सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
विज ने बताया कि अंबाला कैंट में वर्षों से भूमि का पंजीकरण एवं इंतकाल नहीं हो रहा था, जिसके कारण लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ती थी। लोगों की मांग पर मंगलवार को सरकार ने लोगों को अंबाला कैंट के एक्साइज क्षेत्र में उनकी भूमि के पंजीकरण तथा डीड करवाने की अनुमति प्रदान कर दी है, जिसमें बंगलो क्षेत्र शामिल नहीं होगा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अब कैंट के लोग अपनी जमीन का इंतकाल नगर निगम के रिकार्ड में भी करवा सकेंगे। इसके साथ ही जमीन के मालिकाना रिकार्ड के आधार पर व्यक्ति अपनी भूमि पर भवन निर्माण तथा नवीनीकरण कर सकेगा।
उन्होंनेे कहा कि 8 फरवरी 2007 को गत कांग्रेस सरकार के दौरान कैंट में एनओसी जारी करने, किसी लीज के नवीकरण करने तथा अपने भवन की प्लान पर रोक लगा दिया था। इससे अम्बाला के लोगों को भारी दिक्कत हो रही थी। इस आदेश के पश्चात जमीन का पंजीकरण एवं इंतकाल करवाने में लोगों सामने करीब एक दशक से चली आ रही परेशानी दूर होगी।
उल्लेखनीय है कि ‘अमर उजाला’ ने लोगों की इस समस्या को लगातार सिलेसिलेवार उठाया था। समय-समय पर लोगों, दुकानदारों व समाजसेवियों इस संबंध में अपनी मांग बुलंद करते रहते थे। अमर उजाला सिलेसिलेवार उनकी आवाज बनते हुए इस मुद्दे को जिंदा रखे हुए था। आखिरकार अब सीएम मनोहर लाल खट्टर एक्साइज एरिया में पहले की तरह प्रापर्टी की रजिस्ट्री व म्यूटेशन करवाए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।