शामली। शहर कोतवाली क्षेत्र में मेरठ-करनाल हाईवे पर गांव बुटराड़ी बिजलीघर के सामने ईख के खेत में हरियाणा निवासी दंपती ने जहर खा लिया। दोनों की हालत बिगड़ गई। पुलिस दोनों को जिला अस्पताल ले गई, जहां पर चिकित्सकों ने युवक को मृत घोषित कर दिया, जबकि महिला को रात में ही मेरठ रेफर कर दिया था। मेरठ मेडिकल में उपचार के दौरान महिला की मौत हुई।
मृतकों की पहचान नरेश (28) पुत्र नरेंद्र निवासी गांव पुंडरी जिला कैथल हरियाणा और सोना कुमारी (27) के रूप में हुई। सोना मूल रूप से गांव फोरगढ़ी थाना खड्डा जिला कुशीनगर की रहने वाली थी। दोनों ने करीब डेढ़ साल पहले प्रेम विवाह किया था। नरेश ज्योतिष का कार्य करता था। पुलिस का कहना है कि नरेश का अपनी मां पिंकी से अपनी पत्नी को लेकर झगड़ा हुआ था। प्रथम दृष्टया इसी पारिवारिक विवाद के चलते दंपती ने जहर खा लिया।
रविवार देर रात करीब डेढ़ बजे किसी राहगीर ने पीआरवी 112 पर युवक व युवती के हाईवे किनारे ईख के खेत में पड़े होने की सूचना दी। शहर कोतवाली पुलिस के साथ एएसपी सुमित शुक्ला मौके पर पहुंचे। पुलिस दोनों को अचेत अवस्था में जिला अस्पताल ले गई, जहां पर चिकित्सकों ने नरेश को मृत घोषित कर दिया, जबकि सोना को गंभीर हालत में मेरठ रेफर कर दिया। हालत ज्यादा खराब होने के कारण महिला पुलिस को कोई जानकारी नहीं दे सकी। पुलिस ने हाईवे किनारे खड़ी उनकी बाइक को कब्जे में ले लिया।
पुलिस को मौके से कीटनाशक का पाउच व पानी की बोतल मिली है। मौके पर उल्टियां भी की गई थीं। फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की और नमूने लिए। पुलिस की सूचना पर युवक के परिजन दोपहर को शामली पहुंचे। इस संबंध में एसपी एनपी सिंह ने बताया कि जांच के दौरान सामने आया है कि नरेश की मां पिंकी व सोना की आपस में नहीं बनती थी। इस कारण दोनों अलग-अलग रहते थे। दो-तीन दिन पूर्व नरेश का अपनी मां से अपनी पत्नी सोना को लेकर झगड़ा हुआ था। प्रथम दृष्टया दंपती द्वारा इसी पारिवारिक विवाद के कारण जहर खाने से मृत्यु होना प्रतीत होता है। नरेश के शव का पोस्टमार्टम कराकर बिसरा सुरक्षित किया गया है और सोना के शव की पोस्टमार्टम की कार्रवाई मेरठ में चल रही है।
मोबाइल फोन से हुई पहचान
शामली। एएसपी सुमित शुक्ला ने बताया कि दंपती के पास से दो मोबाइल फोन मिले हैं। मोबाइल फोन में मिले नंबरों पर पुलिस ने कॉल की, जिस पर दोनों के नाम पते की जानकारी हो सकी। इसके बाद पुलिस ने परिजनों को जानकारी दी। परिजनों ने पुलिस को बताया कि उन्हें उनके बारे में कोई जानकारी नहीं है कि वे किस समय वहां से चले और कहां जा रहे थे और शामली में आकर जहर क्यों खाया। मां व बड़े भाई से अलग रहते हैं।
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प्रेम विवाह के बाद किराये के मकान में रहता था दंपती
मृतक नरेश की मामी सीता निवासी कुरुक्षेत्र ने बताया कि नरेश व सोना ने करीब डेढ़ साल पहले प्रेम विवाह किया था। प्रेम विवाह के बाद परिजनों व रिश्तेदारों ने उससे संपर्क खत्म कर दिया था। इसके बाद से नरेश अपनी पत्नी के साथ पुंडरी में ही किराये के मकान में अलग रह रहा था। उनके कोई बच्चा नहीं है। सीता ने बताया कि नरेश की मां और बड़ा भाई मानसिक रूप से बीमार हैं, जबकि पिता नरेंद्र की करीब एक साल पहले बीमारी के चलते मौत हो गई थी। सीता का कहना है कि नरेश के परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। नरेश ज्योतिष का कार्य कर जैसे तैसे खर्चा चला रहा था। बड़ा भाई मानिसक बीमार होने के कारण कोई काम नहीं करता। मां भी बीमार रहती है। पिता नरेंद्र की मौत होने के बाद परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है।
प्रेम विवाह से खुश नहीं थे परिजन
पुलिस की जांच में सामने आया कि सोना की बुआ की लड़की की शादी कैथल में हुई है। सोना वहां पर आती जाती थी। इसी दौरान नरेश व सोना एक दूसरे के संपर्क में आए थे। इसके बाद फोन के माध्यम से वे एक दूसरे संपर्क में बने रहे और बाद में दोनों ने प्रेम विवाह कर लिया था। प्रेम विवाह से परिजन खुश नहीं थे।