- कोर्ट ने कहा- अपराध की गंभीरता और सह-आरोपियों की संलिप्तता को देखते हुए राहत देना उचित नहीं
माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला सिटी। स्थानीय अदालत ने बहुचर्चित हरबिलास हत्याकांड मामले में आरोपी रजत सिंह की नियमित जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार बंसल की अदालत ने मामले की गंभीरता और आरोपी की संलिप्तता को देखते हुए यह निर्णय सुनाया है।
अदालत ने स्पष्ट किया कि प्रथम दृष्टया आरोपी की भूमिका इस गंभीर अपराध में संलिप्त पाई गई है, इसलिए उसे इस स्तर पर जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता। यह पूरा मामला नारायणगढ़ थाना क्षेत्र का है, जहां जमीन के एक बड़े विवाद और करोड़ों रुपये के लेनदेन को लेकर खूनी संघर्ष हुआ था।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, पुनीत और हरबिलास ने आरोपी अजय गर्ग और उसके सहयोगियों को जमीन की रजिस्ट्री और अतिरिक्त भुगतान के रूप में बड़ी रकम दी थी, लेकिन बार-बार मांग के बावजूद बैनामा नहीं किया गया। इसी रंजिश के चलते 24 जनवरी 2025 की शाम को नारायणगढ़ में पार्क के बाहर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हरबिलास की हत्या कर दी गई थी, जबकि पुनीत गंभीर रूप से घायल हो गया था।
रजत सिंह पर हरबिलास की रेकी का आरोप
जांच में सामने आया कि आरोपी रजत सिंह ने अपनी आई-20 कार से मृतक हरबिलास की रेकी की थी और पल-पल की लोकेशन अपने बहनोई अंकित सिंह व मुख्य साजिशकर्ता वेंकट गर्ग तक पहुंचाई थी। पुलिस ने आरोपी के पास से वारदात में प्रयुक्त गाड़ी और एक देशी पिस्तौल भी बरामद की है। अदालत में आरोपी के वकील ने दलील दी कि रजत का नाम एफआईआर में नहीं था और उसका मामला अन्य सह-आरोपी गूगल पंडित जैसा है, जिसे उच्च न्यायालय से राहत मिल चुकी है। हालांकि, लोक अभियोजक और शिकायतकर्ता के वकील ने इसका पुरजोर विरोध करते हुए कहा कि आरोपी गैंग का सक्रिय सदस्य है और उसने वारदात को अंजाम देने में अहम भूमिका निभाई है।