सरकार ने बैंकिंग नियमों की अनदेखी और लापरवाही को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। वित्त विभाग ने एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक को सूची से बाहर कर दिया है। यह बैंक सरकारी कामकाज नहीं कर सकेगा। बैंक में अब कोई भी नया सरकारी फंड जमा, निवेश या ट्रांजेक्शन नहीं किया जाएगा। ऐसे चेतावनी के नोटिस बस स्टैंड पर चस्पा कर दिए गए हैं। इस निर्णय के बाद से 50 हजार हैप्पी कार्ड आवेदकों के आवेदन लटक गए हैं।
दरअसल एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक प्रदेशभर के हैप्पी कार्ड जारी करती थी। अंबाला से दो साल में 50 हजार लोगों ने हैप्पी कार्ड बनवाने को ऑनलाइन आवेदन किया था। लाभार्थियों को इंतजार था कि बैंक जल्द ही उनके कार्ड जारी कर देगी और वह हरियाणा रोडवेज की बसों में निशुल्क यात्रा कर सकेंगे। मगर अब इस बैंक के सूची से बाहर होने पर लाभार्थियों योजना की चिंता सता रही है।
73 हजार लोगों को पहले ही मिल गए थे कार्ड
वर्ष 2023 में सरकार ने 1 लाख रुपये की आय वाले परिवारों को हैप्पी कार्ड योजना में पात्र माना था। योजना के अनुसार हैप्पी कार्ड बनने पर लोग एक साल में 1 हजार किलोमीटर की निशुल्क यात्रा कर सकते हैं। इस योजना में कार्ड बनाने का काम एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक को दिया गया था। इसके तहत 73 हजार लोगों को योजना के लागू होने के बाद दे दिए गए थे। इसमें आगे के 50 हजार लाभार्थियों ने योजना का लाभ लेने को आवेदन किया था। उन्हें इंतजार था कि बैंक उन्हें कार्ड देगी तो वह यात्रा करेंगे।
पांच हजार हैप्पी कार्ड लोग ही लेने नहीं आए लोग
एक तरफ जहां 50 हजार नए लाभार्थियों के योजना में हैप्पी कार्ड नहीं आए हैं, तो कुछ ऐसे भी हैं जिन्हें लोग ही लेने नहीं आ रहे। विभाग के अनुसार 5 हजार लाभार्थी हैप्पी कार्ड लेने ही नहीं आए। विभाग इन्हें फोन भी कर चुका है इसके बावजूद लोग लेने नहीं आ रहे। हैरानी की बात है कि कई बार लोग साफ मना कर देते हैं उन्हें कार्ड नहीं चाहिए।
परेशान हो रहे लाभार्थी
पत्नी सुनीता और बेटी रितिका का डेढ़ वर्ष पहले हैप्पी कार्ड के लिए आवेदन किया था। पांच से छह बार कैंट बस स्टैंड का चक्कर काट चुका हूं मगर कोई जवाब नहीं देता। अब पता चल रहा है कि संबंधित बैंक में सरकारी कार्य नहीं होंगे। ऐसे में चिंता सता रही है कि कब कार्ड आएंगे। -ओमप्रकाश, रंजीत नगर
दो साल हो गए हैं आवेदन किए हुए। अभी तक कार्ड नहीं मिले हैं। अधिकारी सिर्फ आश्वासन देते हैं कार्ड कौन देगाा यह कोई नहीं बता रहा। लाभो देवी, अंबाला सिटी।