अंबाला में नगर निगम के मेयर रमेश लाल मल को अंबाला शहर के विधायक विनोद शर्मा की भक्ति महंगी पड़ गई। उन्होंने शहर में एक सार्वजनिक मंच से विधायक की तुलना दसवीं पातशाही गुरु गोबिंद सिंह से कर डाली। उन्होंने अपने भाषण में गुरु गोबिंद सिंह के एक प्रमुख शबद में गुरु गोबिंद सिंह के नाम के बजाय विधायक विनोद शर्मा का नाम फिट कर जयकारा लगा दिया।
मेयर के इस बिगड़े बोल से सिख समाज पूरी तरह से बिफर गया। मेयर की शिकायत एसजीपीसी सदस्य की ओर से अकाल तख्त और एसजीपीसी हाईकमान को कर दी गई। इसके बाद यहां स्थानीय मंजी साहिब गुरुद्वारा में मेयर को बुलाक र वहां उन्हें सजा सुनाई गई लेकिन एसजीपीसी सदस्य इस सजा से नाखुश हैं, उनका कहना है कि यहां स्थानीय स्तर पर किसी भी सिख को सजा देने का कोई अधिकार नहीं है।
मामला अकाल तख्त और एसजीपीसी हाईकमान को दिया गया है, अब वहीं फैसला लिया जाएगा।
ऐसे हुई गलती
दरअसल, गोहाना रैली के लिए मेयर रमेश मल ने विधायक विनोद शर्मा के समर्थन में जनसभा का आयोजन किया था। सभा में मेयर विधायक की भक्ति में इतना बह गए थे कि उन्होंने विधायक की तुलना सिखों के दसवें गुरु गोबिंद सिंह से कर डाली।
जनसभा में मेयर ने कहा कि प्रदेश में शहर विधायक विनोद शर्मा जैसा कोई नहीं है तभी भावनाओं में बहकर मेयर ने मंच से ही जयकारा बोल दिया। मेयर के इस बयान से तमाम सिख समाज में असंतोष फैल गया। सिख समाज ने इसे अपमान बताया था और अदालत जाने की बात कही थी। तभी मेयर साहब को अपनी गलती का एहसास हुआ और वह गुरुद्वारा मंजी साहिब पहुंच गए।
जहां उन्होंने अरदास करवाई और तमाम सिख समाज से माफी मांग अपनी गलती स्वीकार करते हुए विवाद को समाप्त करने की कोशिश की।
मात्र दो मिनट में हो गई सजा पूरी
सजा के तौर पर मेयर को दी गई जोड़ों की सेवा को उन्होंने मात्र एक मिनट में पूरा कर दिया। जोड़ा घर में जाकर अपने ही एक कांग्रेसी साथी के जोड़े पकड़ाकर व फोटो खिंचवाकर वापस बाहर आ गए और उनकी सजा पूरी हो गई।
इस मुद्दे पर सिख भी बंटे
मेयर के गुरुद्वारा साहिब पहुंचकर इस गलती की माफी मांगने पर वहीं विनोद शर्मा के ही समर्थक कुछ सिख कांग्रेसी नेताओं ने भी फटाफट मेयर को दो मिनट की सजा देकर मामले को निपटाने का प्रयास किया लेकिन इसकी सूचना यहां अंबाला के एसजीपीसी सदस्य हरपाल सिंह पाली को भी नहीं दी गई। इसके खिलाफ एसजीपीसी सदस्य का गुट भी नाराज हो गया।
उन्होंने मेयर को शॉर्ट नोटिस देकर मेयर को गुरुद्वारा साहिब में बुलाया और मुद्दे पर चरचा की गई। एसजीपीसी सदस्य ने मेयर को इस बारे में माफी देने वाले सिख नेताओं की बात को पूरी तरह आधारहीन बताते हुए कहा कि यह ऐसी गलती है, जिस पर माफी देने का हक खुद उनके समेत किसी सिख को नहीं है। नियमानुसार यह मामला अकाल तख्त के पास जाएगा।
इसलिए उन्होंने इसकी शिकायत अकाल तख्त को भेज दी है और एसजीपीसी हाईकमान को भी इस बारे में अवगत करवा दिया है। रणबीर सिंह फौजी ने तो यह तक कहा कि इस मुद्दे पर मेयर को माफी देने वाले सिखों को गुरु मर्यादा की तनिक भी जानकारी नहीं है, उनके पास ऐसी गलती की माफी देने का क्या आधार है। जिसके आधार पर उन्होंने मेयर को मंजी साहिब गुरुद्वारा में बुलाकर खुद ही दो मिनट में माफी दिलवा दी।
विपक्ष ने भी बोला हमला
भाजपा जिला महामंत्री पवित्र सिंह बाजवा ने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह ने तो देश व समाज के लिए अपना परिवार कुर्बान कर दिया था और मेयर साहब ने तो उनकी तुलना शहर विधायक विनोद शर्मा से करके पूरे सिख समाज और गुरुओं की मर्यादा का अपमान किया है।
यह एक जघन्य अपराध है। बाजवा ने कहा कि मेयर रमेश मल विधायक के पिठू बन कर काम कर रहे हैं। बाजवा ने विधायक पर प्रहार करते हुए कहा कि विधायक मुख्यमंत्री के सामने रोना रोते हैं कि शहर के अधिकारी उनकी बात नहीं सुनते। बाजवा ने कहा कि एक तरफ तो विधायक अपने आप को हैवीवेट नेता मानते हैं और दूसरी तरफ सीएम के सामने अपने ही शहर के अधिकारियों की शिकायत करने के लिए गिड़गिड़ाते दिखाई देते हैं।
यह वाक्या मेरे मुंह से गलती से निकल गया था। मेरी ऐसी कोई मंशा नहीं थी। मैं खुद सिख गुरुओं और गुरु ग्रंथ साहिब में अटूट विश्वास रखता हूं। इसलिए मैंने खुद ही इस मुद्दे पर माफी मांग ली है। जो गलती हुई है, उसे स्वीकार करने में कोई बुराई नहीं है।
-रमेश लाल मल, मेयर, नगर निगम-